मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने सभी विश्वविद्यालयों में इस विषय की व्यवस्था करने को कहा गया। गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद इसकी पुष्टि की। सीएम ने शिमला में कहा कि मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा करने के लिए कहा गया था।
हिमाचल में कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती विषय शुरू किया जाएगा। यह निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में वाराणसी में मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में जारी किए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अपने सभी विश्वविद्यालयों में इस विषय की व्यवस्था करने को कहा गया। गुरुवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खुद इसकी पुष्टि की। सीएम ने शिमला में कहा कि मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा करने के लिए कहा गया था। प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा कि इसे कृषि और बागवानी दोनों विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती विषय के रूप में शुरू किया जाना चाहिए। अभी तक इसकी इस तरह से शुरुआत नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सरदार पटेल सभागार में प्राकृतिक खेती विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन को नई दिल्ली से वर्चुअल संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने भी वर्चुअल हिस्सा लिया। पूर्व में राज्यपाल रहे आचार्य देवव्रत ने इस बारे में प्रस्तुति दी। उन्होंने राज्य परियोजना निदेशक राकेश कंवर और कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल के प्रयासों की सराहना की। प्रदेश के 71,405 किसानों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। इसे 39,792 महिलाओं और 31,613 पुरुषों ने सुना। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में किसानों के साथ और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सरकारी निवास में प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।
1.54 लाख किसान परिवारों ने 9200 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना शुरू की है। इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान है। गत चार वर्षों में लगभग 1.54 लाख किसान परिवारों ने 9200 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती अपनाई है। इस वर्ष इस योजना के तहत 1.50 लाख किसानों को जोड़कर 12000 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाएंगे।
विज्ञापन
भारतीय नस्ल की गाय की खरीद पर अधिकतम 25 हजार तक अनुदान
सीएम ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती की आधार भारतीय नस्ल की गाय की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 25 हजार तक तथा पांच हजार यातायात शुल्क के तौर पर दे रही है। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना में गत साढ़े तीन वर्षों में लगभग 46.18 करोड़ खर्च किए हैं। इससे पहले 14 दिसंबर को प्री-वाइब्रेंट गुजरात समिट में हिमाचल में प्राकृतिक खेती के कार्यान्वयन पर भी प्रस्तुति दी। योजना के कार्यकारी निदेशक प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल बेस्ट प्रैक्टिसिज ऑफ नेचुरल फार्मिंग विषय पर प्रस्तुति दी थी।