स्थायी स्टाफ न होने से परेशान नगर पंचायत निरमंड की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभी पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है। इस बारे में नगर पंचायत निरमंड की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया है। इसे शहरी विकास विभाग को भेजा है। इसके लिए 15 दिसंबर तक अल्टीमेटम दिया गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष ममता की अध्यक्षता में हुई बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा की गई।
नगर पंचायत निरमंड में स्थायी स्टाफ की कमी का मुद्दा मुख्य रूप से गर्माया। नगर पंचायत अध्यक्ष ममता रानी, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, पार्षद उषा शर्मा, पद्मा शर्मा, विद्या भारद्वाज, डीआर कश्यप और अमर चंद जोशी ने कहा कि नगर पंचायत का गठन हुए 8 माह से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन स्थायी स्टाफ की तैनाती नहीं हो पाई है।
एक सचिव आनी नगर पंचायत से प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है। जेई और क्लर्क रामपुर से प्रतिनियुक्त किए हैं। स्थायी स्टाफ न होने से जनता के चरित्र, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र सहित कई अन्य दस्तावेज देने में दिक्कत हो रही हैं। कई अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। नगर पंचायत कार्यालय में ताला खोलने और बंद करने, साफ-सफाई करने तक की व्यवस्था के लिए स्टाफ नहीं है।
न ही अपना भवन है। एक भवन में ग्राम पंचायत शिशवी के अलावा नगर पंचायत का कार्यालय चल रहा है। पार्षदों की मानें तो भवन की अलग व्यवस्था के लिए पत्राचार किया गया है, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। नगर पंचायत निरमंड की विशेष बैठक में डीएसपी आनी रविंद्र नेगी, एसएचओ निरमंड और नगर पंचायत सचिव हरि चंद शर्मा भी मौजूद रहे।