ढाई साल तक नगर निगम धर्मशाला की सत्ता में रही भाजपा के हाथ से मेयर पद छिटक गया। तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के साथ भाजपा के पास 10 पार्षद हैं। वहीं कांग्रेस के सात पार्षद हैं। शनिवार को हुए मेयर पद के चुनाव में भाजपा के एक पार्षद के क्राॅस वोटिंग करने और विधायक सुधीर शर्मा के वोट से भाजपा और कांग्रेस के पास 9-9 मत हो गए। पर्ची से फैसला हुआ और कांग्रेस पार्षद नीनू शर्मा की मेयर पद के लिए लाॅटरी लग गई। इससे पहले चुनाव में भाजपा ने महापौर पद के लिए मोनिका पठानिया और उपमहापौर पद के लिए तेजिंद्र कौर, कांग्रेस ने महापौर पद के लिए नीनू शर्मा और उपमहापौर पद के लिए अनुराग कुमार का नाम प्रस्तावित किया।
नामांकन भरने के बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। कांग्रेस की नीनू शर्मा और भाजपा की मोनिका पठानिया दोनों को 9-9 मत मिले। बराबर मत मिलने के चलते पर्ची सिस्टम से नतीजे निकाले गए। सात वर्ष के सोनू ने पर्ची निकाली और इसमें नीनू शर्मा का नाम आया। चुनाव अधिकारी ने नीनू शर्मा को महापौर पद के लिए विजयी घोषित किया। वहीं उपमहापौर के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी तेजिंद्र कौर को 10, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अनुराग कुमार को आठ मत मिले। ऐसे में भाजपा की तेजिंद्र कौर को विजयी घोषित किया गया।
नगर निगम में 17 वार्ड
वर्तमान में नगर निगम में कुल 17 वार्ड हैं। तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के साथ भाजपा के पास 10 पार्षद हैं। जबकि एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन के बाद कांग्रेस के पास कुल 7 पार्षद हैं। बहुमत के कारण ही अप्रैल 2021 में भाजपा प्रत्याशी ओंकार सिंह नैहरिया महापौर, जबकि निर्दलीय पार्षद सर्वचंद गलोटिया उपमहापौर चुने गए थे। अब ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के करीब एक माह बाद नए महापौर और उपमहापौर चुने गए हैं।