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हिमाचल: हिमफेड का दावा, एक हफ्ते में पहुंचा देंगे पोटाश की एक खेप

Sun, 13 Feb 2022 06:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि पोटाश खाद का ऑर्डर जनवरी में किया था, मगर खाद आने में इसलिए देरी हो सकती है कि समय पर कच्चा माल ही विदेशों से न आ रहा हो।  
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म्यूरेट ऑफ पोटाश (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के लिए खाद की आपूर्ति करने वाली एजेंसी हिमफेड ने दावा किया है कि एक हफ्ते में म्यूरेट ऑफ पोटाश खाद की खेप पहुंचा दी जाएगी। इंडियन पोटाश लिमिटेड ने उपलब्ध कोटे से उर्वरक देने का भरोसा दिया है। यह जानकारी हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने दी। उन्होंने कहा कि इंडियन पोटाश लिमिटेड के मूवमेंट निदेशक जतिन चोपड़ा से उनकी रविवार को बात हुई है।

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उन्होंने सोमवार को ही खेप हिमाचल के लिए भेजने का दावा किया है। बताया कि 2600 मीट्रिक टन खाद की आपूर्ति करने को कहा है। विदेशों से आने वाले कच्चे माल की आपूर्ति महंगी हो गई है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह किसानों के मसले पर बहुत गंभीर हैं। जल्द इस समस्या का समाधान होगा। 

गणेश दत्त बोले, जनवरी में कर दिया था ऑर्डर 
हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त ने कहा कि पोटाश खाद का ऑर्डर जनवरी में किया था, मगर खाद आने में इसलिए देरी हो सकती है कि समय पर कच्चा माल ही विदेशों से न आ रहा हो।  
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पहले रेट बढ़ाए, अब मिल नहीं रही म्यूरेट ऑफ पोटाश 
हिमाचल प्रदेश फूल, फल एवं सब्जी उत्पादक संघ के प्रदेशाध्यक्ष हरीश चौहान ने कहा कि राज्य में एक तो पहले से ही म्यूरेट ऑफ पोटाश के रेट बढ़ाकर आसमान में चढ़ा दिए गए हैं। यह 1050 से बढ़ाकर 1700 रुपये प्रति 50 किलो का बैग कर दी गई है। ऊपर से यह उर्वरक अब मिल नहीं रहा है। विदेशों से सीमित आपूर्ति के चलते ही इंडियन पोटाश लिमिटेड ने इसके रेट बढ़ाए हैं।

ऐसे में जिस राज्य से ज्यादा दबाव रहता है, वहां इसे पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने सरकार और हिमफेड की सुस्ती पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार बागवानों की उपेक्षा कर रही है। खाद की जरूरत अभी है। अगले सप्ताह भी आएगी तो भी देरी से आएगी। 

क्यों जरूरी है यह खाद 
इस खाद को फरवरी महीने में ही सेब के बगीचों में डाला जाता है। इससे सेब के पौधों में कली, फूल, फलों आदि का ठीक से विकास होता है। इससे फल न केवल स्वादिष्ट बनते हैं, बल्कि उनमें रंग भी अच्छा आता है।

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