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एमसी अब ऐसे वसूलेगा आपसे प्रॉपर्टी टैक्स

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राजधानी में लागू होने वाली नई टैक्स पद्धति यूनिट एरिया मेथड के नियम (बॉयलाज) पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगने का रास्ता साफ हो गया है।
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सरकार ने नगर निगम द्वारा भेजी गई फाइल को निगम प्रशासन को अपने स्तर पर फैसला लेने की बात कहकर लौटा दिया है। निगम एक्ट की धारा 379 के तहत अब निगम प्रशासन एक माह के भीतर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगेगा।

हाईकोर्ट में भी निगम ने सुझाव और आपत्तियां मांगने के लिए एक माह की मोहलत देने की याचिका दायर की है।

हाइकोर्ट से मांगी मोहलत

अगले सप्ताह सुझाव और आपत्तियां मांगने की तारीख तय की जाएगी। 17 जुलाई को विशेष सदन की बैठक बुलाकर यूनिट एरिया मेथड के तहत लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स के नियम पर चर्चा हुई है।

निगम आयुक्त अमरजीत सिंह ने बताया है कि सरकार के आदेशानुसार शहरवासियों से जल्द ही सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। एक माह तक लोग अपनी बात निगम के पास रख सकेंगे।

जनमत के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स के जोन और फैक्टर की वैल्यू घटाई, बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया है कि हाईकोर्ट में भी निगम ने सुझाव और आपत्तियां मांगने के लिए एक माह की मोहलत देने की याचिका दायर की है।

ए और बी जोन में बांटा शहर

यूनिट एरिया मेथड के तहत राजधानी को ए और बी जोन में बांटा गया है। नगर निगम के पुराने क्षेत्र को जोन ए और मर्ज एरिया वार्डों को जोन बी में रखा गया है। दोनों जोन की वैल्यू पांच रखी गई है।

खाली भूमि पर 10-15% लगेगा टैक्स
विभिन्न फैक्टर और जोन से वैल्यू की गणना करने के बाद आने वाली संख्या पर टैक्स स्लैब लगाया जाएगा। जोन ए के तहत 15 प्रतिशत और जोन बी में 10 प्रतिशत टैक्स लगेगा। भवन इसमें शामिल नहीं किए गए हैं।
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सेल्फ यूज पर छह प्रतिशत तक टैक्स

जोन ए में सेल्फ यूज वालों को 1 से 100 वर्ग मीटर तक 3 प्रतिशत, जोन बी में 2 प्रतिशत, 101 वर्ग मीटर से अधिक पर जोन ए में 6 प्रतिशत और जोन बी में 4 प्रतिशत टैक्स लगेगा। नॉन रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर जोन ए में 10 प्रतिशत और जोन बी में 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

ग्रीन एरिया, कृषि भूमि को छूट
नगर निगम सदन ने यूनिट एरिया मेथड के बॉयलाज में ग्रीन एरिया, कृषि भूमि, एकल महिला, विधवा और गरीब व्यक्ति को टैक्स के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया है। इसके अलावा सेल्फ यूज वालों को 200 से 800 रुपये तक टैक्स लगाने की वकालत की है।
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