नेत्र विशेषज्ञ डॉ. गौरव चौधरी ने बताया कि ब्लैक फंगस कोरोना के नए वेरिएंट के तौर पर सामने आया है। जो मुख्यतया स्नायु तंत्र पर प्रभाव डालते हुए आंख से लेकर दिमाग और फेफड़ों तक को संक्रमित कर देता है। इसके लक्षण कोरोना होने के 30 से 45 दिन के बाद भी देखे जा रहे है। यह फंगस वातावरण में आम पाया जाता है।
मिट्टी ,नमी वाली जगह सूखे पेड़ों के क्षरण आदि में पाया जाता है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, अनियंत्रित मधुमेह, लंबे समय से स्टेरॉयड का यूज करने वाले लोगों पर इनका खतरा ज्यादा है। इनके लक्षणों में चेहरे में एक तरफ सुन्नपन, सिर के एक तरफ दर्द, सिर दर्द, आंखों के आसपास सूजन, डबल विजन, पलकें न खुलना, धुंधला नजर आना, भूरा/काला नाक बहना, नाक बंद होना, नाक के पास काले धब्बे आदि हैं।