लोकसभा सांसद रामस्वरूप शर्मा वीरवार को तत्तापानी बस स्टैंड में राज्य सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे। इससे तीन घंटे तक चक्का जाम रहा। सांसद ने समर्थकों के साथ इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की। सांसद ने राज्य सरकार पर मांगों की अनदेखी करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
उन्होंने सरकार को तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर तीन महीने के भीतर व्यवस्था नहीं हुई तो सरकार के खिलाफ जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। वीरवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने समर्थकों के साथ तत्तापानी बस स्टैंड में सांसद ने सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
करीब दो बजे तक सांसद ने धरना दिया। उन्होंने कहा कि अगर तीन महीनों के भीतर सरकार ने तत्तापानी तीर्थ स्थल में स्नान करने के लिए र्कोई व्यवस्था नहीं की तो स्थानीय लोगों को साथ लेकर चक्का जाम किया जाएगा। शिमला और मंडी की ओर एक भी वाहन को नहीं जाने दिया जाएगा। सांसद ने वीरवार को स्थानीय संघर्ष समिति का भी गठन किया।
गंभीरता नहीं दिखा रहा सरकार
सांसद ने बताया कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कोल डैम प्रबंधन ने सरकार से डीपीआर बनाने को कहा था लेकिन सरकार ने इस ओर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। तत्तापानी में धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को पूरा करने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।
सरकार को मकर संक्रांति पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी ताकि लोग निराश होकर न लौटें। सांसद ने कहा कि बीते दिनों ही उन्होंने मुख्यमंत्री और उपायुक्त मंडी से मुलाकात कर मामले से अवगत कराया था लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई।
सांसद ने मुख्यमंत्री से तत्तापानी में महिलाओं और पुरुषों के लिए 25-25 घाट बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा गर्म पानी को अन्य जगहों में निकालने के लिए सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व विधायक करसोग हीरालाल, जोगिंद्र पाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष केसर सिंह, भाजपा नेता भिखम राम, भूषण, टेक चंद सहित कई अन्य मौजूद रहे।