वन विभाग का कहना है कि शिमला शहर में बंदर वर्मिन घोषित किए गए हैं। लेकिन लोग इन्हें नहीं मार रहे। नियमानुसार विभाग खुद बंदरों को न मार सकता और न ही इन्हें पकड़कर रख सकता है। सिर्फ उन्हीं बंदरों को पकड़ा जाता है जो लगातार लोगों पर हमला कर रहे हों।
विभाग का कहना है कि लोग चाहें तो इन बंदरों को मार सकते हैं। उधर, ज्यादातर लोगों के पास बंदरों को मारने के लिए न तो बंदूकें हैं और न ही दूसरा साधन। ऐसे में बंदर मारने की छूट से भी जनता को राहत मिलती नहीं दिख रही।
शहर में बंदर भगाने के लिए मंकी वाचर तैनात किए गए हैं। लेकिन ये अलग-अलग जगहों पर मौजूद रहते हैं। शिकायत मिलने के बाद बंदर भी पकड़े जा रहे हैं। - राजेश शर्मा, डीएफओ वन्य जीव विभाग