कमरे की खिड़की का शीशा टूट हुआ था। यहां से बंदर कमरे में दाखिल हुआ और उछल कूद करने लगा।
आईजीएमसी शिमला में बंदर के उत्पात से एक डॉक्टर के कमरे में आग लग गई। कमरे से उठ रहे धुएं को कुछ तीमारदारों ने देखा और प्रबंधन को इस बारे में सूचना दी। आग को फैलने से पहले रोक दिया गया लेकिन कमरे में रखा कुछ फर्नीचर जल कर राख हो गया। अगर समय रहते पता नहीं चलता तो अस्पताल में बड़ा हादसा हो सकता था।
आईजीएमसी में आग से निपटने के लिए पहले से ही पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। अग्निशमन महकमे की ओर से इस बारे में पहले ही आगाह भी कर दिया गया है। आग मेडिसन महकमे में कार्यरत एक प्रोफेसर के कमरे में लगी। रविवार को छुट्टी थी, लिहाजा सभी कमरे बंद थे, उस ओर आवाजाही भी बंद थी।
कमरे की खिड़की का शीशा टूट हुआ था। बताया जा रहा है कि यहां से बंदर कमरे में दाखिल हुआ और उछल कूद करने लगा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान बिजली की तार से छेड़छाड़ हुई और शार्ट सर्किट हो गया। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।