विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में मोनाल और घोरल की गणना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए पार्क प्रबंधक ने 33 लोगों की तीन टीमें बनाई हैं। ये टीमें इन पक्षियों के ठिकाने पर जाकर उनकी गणना करेंगी। हर टीम की कमान वन परिक्षेत्र अधिकारियों को दी गई है। टीम में वन खंड अधिकारी और वन रक्षकों को शामिल किया गया है।
तीन दिन तक चलने वाले गणना में पार्क के भीतर मोनाल और घोरल की संख्या का पता लग पाएगा। 29 से 31 मार्च तक चलने वाले गणना अभियान में पार्क में चिह्नित आठ जगह मोनाल और घोरल की मौजूदगी का पता लगाया जाएगा। यह आठ जगह इन पक्षियों के रहने के स्थल हैं।
अमूमन, इन्हीं जगहों पर यह रहते हैं। मोनाल और घोरल समुद्र तल से करीब 6,000 से 12,000 फीट की ऊंचाई पर पाए जाते हैं। पार्क के वन मंडलाधिकारी निशांत मंढोत्रा ने कहा कि पहले यह गणना फरवरी में होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह काम एक माह देरी से शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि 33 लोगों की तीन टीमें बनाई गई हैं। इनमें एक टीम में वन परिक्षेत्र अधिकारी परमानंद की अगुवाई में 13 लोग, राजेंद्र सिंह की टीम में 12 और विक्रम सिंह की टीम में आठ लोग शामिल किए गए हैं। गणना का अभियान 31 मार्च तक चलेगा। मोनाल और घोरल पार्क के कुल आठ जगह गणना की जाएगी। इनमें तीर्थन घाटी के चार, सैंज में तीन और जीवनाला में एक स्थल है, जहां इन पक्षियों का बसेरा है।
कैसे होगी मोनाल और घोरल की गणना
तीन दिन तक ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के मोनाल और घोरल की गणना की जाएगी। इसमें पार्क प्रबंधन ने 33 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है। पार्क में गणना के दौरान चिह्नित जगहों पर तीन-तीन लोगों की एक टीम होगी। ये लोग कैमरे और दूरबीन के साथ नंगी आंखों से गणना करेंगे।