राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत ने कांगड़ा दौरे के तीसरे दिन प्रचारकों को उनकी मर्यादा और काम करने का तरीका बताया। शुक्रवार को संघ कार्यालय गुप्त गंगा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक भागवत ने हिमाचल के नगर, खंड, जिला, विभाग, प्रांत के करीब 60 प्रचारकों की दो सत्र की बैठकें लीं। यह बैठकें सुबह 9.00 बजे से 10.30 तक और 11.00 से 12.30 तक दो सत्रों में हुईं। प्रथम सत्र में प्रचारकों के विषय पर चर्चा हुई। इस सत्र में संघ प्रमुख ने हिमाचल के सभी प्रचारकों को मर्यादा बनाए रखने पर मार्गदर्शन दिया। प्रचारकों को बताया गया कि उन्हें कैसे अनुशासित तरीके से संघ के कार्य को आगे बढ़ाना है।
भागवत ने संघ की शताब्दी वर्ष के लिए प्रदेश में तीन वर्षों के रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में संघ के नए अच्छे कार्यकर्ता बनाने, प्रचारकों की संख्या बढ़ाने और संघ का कार्य गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक पहुंचाने के लिए कहा। द्वितीय सत्र में प्रचारकों ने पूरे देश के संघ के कार्यों के विषय में सरसंघचालक से अपने मन की जिज्ञासा का समाधान किया। इसके बाद सरसंघचालक ने विजय दिवस की स्वर्ण जयंती पर धर्मशाला के स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पूर्व सैनिकों को अपना संबोधन दिया। कार्यक्रम में पूर्व प्रांत संघचालक कर्नल रूपचंद (सेवानिवृत्त), क्षेत्र संघचालक डॉ. सीताराम व्यास, सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, इंद्रेश कुमार, नरेंद्र ठाकुर उपस्थित रहे।