केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय का ‘मिशन अंत्योदय’ हिमाचल की 474 पंचायतों का कायाकल्प करेगा। इसके लिए राज्य के 10 जिलों से पंचायतों का चयन किया गया है।
इन पंचायतों में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकरण, 100 प्रतिशत टीकाकरण, 100 प्रतिशत अस्पताल में प्रसव, मलेरिया और टीबी का मुफ्त इलाज, एंबुलेंस सेवाओं के अलावा शिक्षा, रोजगार, मानव विकास, गरीबी कम करने, आय बढ़ाने के अलावा अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार कार्य होंगे।
चयनित पंचायतों में न केवल शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि ग्रामीणों की जीवनशैली में बेहतर परिवर्तन आएगा।
केंद्र की इस योजना में शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम, महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना, पशुपालन, बागवानी, मनरेगा आदि के जरिये लोगों की आमदनी बढ़ाई जाएगी। गांवों में बिजली, आवास, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, आधुनिक अस्पताल और बैंक आदि स्थापित कराने का लक्ष्य भी है।
कांगड़ा से सबसे ज्यादा 152 पंचायतों का चयन- मिशन अंत्योदय के तहत हिमाचल की 474 पंचायतों का प्रथम चरण में चयन हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा कांगड़ा जिले से 152 पंचायतों को चुना है।
इसके बाद मंडी से 81, हमीरपुर से 52, चंबा से 48, सिरमौर और सोलन से 34-34, ऊना से 32, बिलासपुर से 25, शिमला से 10 और कुल्लू जिले से 6 पंचायतें चुनी गई हैं।
मिशन अंत्योदय केंद्र की योजना है। मिशन का लक्ष्य गरीब से गरीब व्यक्ति तक हर सुविधा पहुंचाना है। इस दिशा में कार्य शुरू हो गया है।
- वीरेंद्र कंवर, पंचायती राज मंत्री