चार्जशीट तैयार करने को लेकर भाजपा के निशाने पर चल रहे हिमाचल के परिवहन मंत्री जीएस बाली ने वीरवार को राज्य सचिवालय में कई बड़े खुलासे किए। बाली ने मीडिया से कहा कि वे कांग्रेस चार्जशीट तैयार करने वाली कमेटी के अध्यक्ष जरूर थे।
मगर चार्जशीट तैयार करने के लिए दस्तावेज और सामग्री उन्हें कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और गंगूराम मुसाफिर ने मुहैया कराई।
ऐसे कई नेताओं की मदद से ही कांग्रेस की नई चार्जशीट तैयार हुई। कांग्रेस की इस चर्चित चार्जशीट के आधार पर विपक्ष के तमाम नेताओं की विजिलेंस जांच चल रही है। इस जांच के लिए बाली को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
बाली ने लिए दो मंत्रियों के नाम
बाली ने कहा कि चार्जशीट तैयार करने में सब शामिल थे। प्रशांत भूषण जमीन मामले के कागज मुझे सुधीर शर्मा ने दिए थे। जिस पैन कार्ड मामले की बात हो रही है, उसे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर की बनाई पुरानी चार्जशीट से लिया गया है।
सुक्खू से भी कमेटी को बहुत सारी जानकारियां मिली थीं। एचपीसीए मामले का सुराग किसने दिया? इस पर बाली बोले- जितना बताया, उतना ही काफी है।
इस चार्जशीट पर विजिलेंस जांच बारे उनका स्पष्ट कहना है कि इसमें सभी मामलों को देखा जाना चाहिए।
परेशानी में पड़ सकती है सरकार
केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद इस चार्जशीट से नाराज प्रदेश भाजपा भी पलटवार की मुद्रा में है। ऐसे में बाली का यह खुलासा कई कांग्रेस नेताओं को परेशान कर सकता है।
राज्य सचिवालय में परिवहन मंत्री जीएस बाली से पत्रकारों ने कांग्रेस चार्जशीट के आधार पर चल रही विजिलेंस जांच पर कुछ कहने को कहा तो वे बोले- चार्जशीट की बात आने पर मेरा नाम ही क्यों लिया जाता है?
यह ठीक है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे ये जिम्मेदारी दी थी। मुकेश अग्निहोत्री, कुलदीप पठानिया और सुखविंद्र सुक्खू भी इस कमेटी के सदस्य थे।