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Shimla News: मिल्कफेड ने नहीं किया भुगतान, दूध सप्लाई रोकने की चेतावनी

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मरयोग चिलिंग प्लांट से जुड़ी छह दुग्ध सहकारी सभाओं के पशुपालक प्रभावित
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पीरन सहकारी सभा से रोजाना 300 लीटर से अधिक दूध भेजा जा रहा
45-48 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा रेट, न्यूनतम 50 रुपये तय होने का दावा
समय पर भुगतान न हुआ तो सचिवालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी

जुन्गा (शिमला)। जिले के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों को दो महीने से भुगतान नहीं मिला है। दिसंबर के बाद से उत्पादकों को उनके बकाया पैसे नहीं मिले हैं। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई दुग्ध उत्पादकों ने दूध की आपूर्ति बंद करने और प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
जिला में सैकड़ों दुग्ध उत्पादक और किसान सहकारी सभाओं के माध्यम से दूध बेचते हैं। जय दुर्गे दुग्ध सहकारी सभा पीरन नारिगा के प्रधान प्रेमदास शर्मा और सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि बीते दो माह से दूध का पैसा न मिलने से उनको आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों के लिए दुग्ध उत्पादन ही आय का मुख्य साधन है। समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में दिक्कत हो रही है।
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उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 के बाद से अभी तक मिल्कफेड की ओर से दुग्ध उत्पादकों की पेमेंट नहीं की गई है। सचिव कुलदीप ठाकुर ने कहा कि पीरन दुग्ध सहकारी सभा से 60 पशुपालक रोजाना तीन सौ लीटर से अधिक दूध सिरमौर जिला के सीमा से सटे चिलिंग प्लांट मरयोग को भेजते हैं। दुग्ध उत्पादकों का कहना है कि यदि मिल्कफेड की ओर से समय पर भुगतान नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन शिमला सचिवालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।
सचिव कुलदीप ठाकुर ने बताया कि चिलिंग प्लांट मरयोग के अधीन छह दुग्ध सहकारी सभाएं पीरन नारिगा, शरगांव, नेईनेटी, चाखल, चबीयुल और मरयोग कार्यरत हैं। इनमें से किसी भी सहकारी सभा में अभी तक दूध की अदायगी नहीं की गई है। सभी सहकारी सभाओं के दुग्ध उत्पादक समय पर भुगतान न मिलने से परेशान हैं।
पीरन के दुग्ध उत्पादक चंचल वर्मा, कमल वर्मा और प्रकाश वर्मा ने बताया कि चिलिंग प्लांट से दूध का रेट कभी भी 45 से 48 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं मिला है। महीने में एक बार दूध की जांच लेक्टोमीटर से की जाती है। उसी आधार पर पूरे महीने का भुगतान किया जाता है, जबकि सरकार ने न्यूनतम 50 रुपये प्रति किलोग्राम का रेट तय किया है।
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दुग्ध चिलिंग प्लांट मरयोग के प्रभारी दुन्नी चंद ने बताया कि पशुपालकों के दूध की अदायगी का मामला हिप्र मिल्कफेड को भेजा है। उम्मीद है कि दुग्ध उत्पादकों को जल्द भुगतान कर दिया जाएगा।
जल्द करेंगे भुगतान
दुग्ध उत्पादकों को भुगतान न होने की शिकायत मिली हैं। यदि ऐसा है तो जल्द इसका भुगतान किया जाएगा। उत्पादकों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-अभिषेक शर्मा, प्रबंध निदेशक, मिल्कफेड
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