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Himachal: हिमाचल में आपदा पर मेगा मॉक ड्रिल, 8.0 की तीव्रता वाले भूकंप की स्थिति का किया अभ्यास

Fri, 06 Jun 2025 01:29 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के तकनीकी सहयोग से मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। 
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माॅक ड्रिल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के तकनीकी सहयोग से मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। हर जिले में इस माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया। हमीरपुर उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में 10 स्थानों पर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। डीडीएमए के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कंट्रोल रूम से निगरानी की।  एडीसी अभिषेक गर्ग सभी टीमों को निर्देश दिए।  जिले में रिक्टर पैमाने पर 8.0 की तीव्रता वाले भूकंप के परिदृश्य का अलर्ट जारी किया गया। इस भूकंप के कारण जिला के दस स्थानों पर होने वाले नुकसान की सूचना जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) को प्राप्त हुई। इसके तुरंत बाद जिले में आईआरएस सक्रिय हुई। सबसे पहले नुकसान वाले स्थानों पर स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया देखी गई।

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उसके बाद बचाव दलों को घटनास्थलों के लिए रवाना किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि बस स्टैंड हमीरपुर और डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल काॅलेज अस्पताल हमीरपुर के भवनों के क्षतिग्रस्त होने तथा इनमें फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गया है। धर्मशाला में आपदा प्रबंधन पर मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। माॅकड्रिल में भूकंप से डीआरडीए भवन से घायलों को टीमों को ओर से रेस्क्यू किया गया। इसके बाद सभी घायलों को राहत कैंप में लाया गया, जहां से गंभीर घायलों को धर्मशाला अस्पताल शिफ्ट किया गया।

ब्यास नदी के किनारे फंसे पर्यटकों को किया रेस्क्यू
जिला कुल्लू में जिला स्तरीय मॉक ड्रिल के दौरान भूतनाथ के समीप ब्यास नदी  के किनारे फंसे पर्यटकों रेस्क्यू किया गया। टीम ने सैलानियों को राफ्टिंग की सहायता से रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। इसके बाद मरीज को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू भेजा गया। आईजीएमसी शिमला में भी भूकंप के बीच बचाव को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

पोर्टमोर और विकासनगर स्कूल में किया गया आयोजन
राजधानी शिमला में 9वीं मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर और विकासनगर में किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप, अग्निकांड और बाढ़ के समय प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं तथा आम नागरिकों की तैयारियों का आकलन करना था। एनडीआरएफ के मेजर धर्मेंद्र ठाकुर ने आईजीएमसी का दौरा भी किया और आपातकालीन सेवाओं का निरीक्षण किया। पोर्टमोर स्कूल में भूकंप प्रभावित क्षेत्र दर्शाया था। इसमें स्कूल भवन के आंशिक रूप से ढहने की स्थिति तैयार की गई। इसके बाद स्कूल स्टाफ और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की मॉक ड्रिल की। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत घायलों को स्ट्रेचर और एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल में भेजा गया। पोर्टमोर स्कूल में आयोजित मॉक ड्रिल में होमगार्ड और सिविल डिफेंस की तीसरी बटालियन ने हिस्सा लिया। इसका नेतृत्व प्लाटून कमांडर बंधु ने किया। विकासनगर स्कूल में अग्निकांड प्रभावित क्षेत्र बताया। इसमें पेट्रोल पंप में आग लगने की स्थिति का अभ्यास किया। यहां अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। मॉक ड्रिल में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अमन मड़ैक ने भी हिस्सा लिया। बताया कि आपात स्थिति के लिए आईजीएमसी में 1000 से ज्यादा बेड हैं। इसे बढ़ाकर 1400 तक किया जा सकता है। इसके अलावा सुन्नी के कालीघाट भी मॉक ड्रिल की गई।
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जिला चंबा के विभिन्न जगहों पर बड़ी तीव्रता वाले भूंकप की स्थिति पर माॅक ड्रिल हुई। सुबह 11:00 बजे सायरनों की आवाज सुनाई दी। इसके बाद सड़क पर एंबुलेंस, अग्निशमन और पुलिस की गाड़ियां परेल, करिया-भड़िया मार्ग समेत जगह-जगह आपदा में फंसे लोगों को की मदद के लिए रवाना हुई। विभिन्न जगहों पर पहुंची टीमों ने समय न गंवाते हुए रावी नदी, साल खड्ड में फंसे व चोटिल मरीजों को स्टेचर के जरिये उठाकर एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचा कर प्राथमिक उपचार दिया गया। इस मौके पर प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों की टीमें भी मौजूद रहीं।

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