एक आयोग के तहत गुणात्मक शिक्षा को बल मिलेगा। यूजीसी के सदस्य और हिमाचल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डॉ. नागेश ठाकुर ने भी प्राइमरी शिक्षा मातृ भाषा में देने का सुझाव रखा।
उन्होंने कहा कि इससे देश के प्रति भावना पैदा होगी। क्लस्टर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सीएल चंदन ने प्री प्राइमरी शिक्षा पर जोर देते हुए हिंदी भाषा में आठवीं तक की पढ़ाई करवाने की बात कही। केंद्र सरकार ने नवीं से जमा दो तक भी सेमेस्टर सिस्टम शुरू करने का प्रस्ताव किया है।
हिमाचल सरकार इसके हक में नहीं है। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने और सूबे की भौगोलिक स्थिति के चलते प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं है। केंद्र सरकार से हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के स्कूलों में सेमेस्टर सिस्टम शुरू नहीं करने की मांग की जाएगी।