बिक्रम ठाकुर ने कहा कि ईएसआई मेडिकल ट्रिब्यूनल का गठन ईएसआई विनियमन, 1950 (साधारण) के विनिमयन 76 के तहत किया जाएगा। वर्तमान में राज्य के सात जिलों में ईएसआई योजना कार्यरत है। हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में यह योजना शीघ्र कार्यान्वित की जाएगी।
उद्योग, श्रम एवं रोजगार और परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में ईएसआई मेडिकल ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा। बीमाकृत व्यक्ति चिकित्सा बोर्ड के निर्णय से संतुष्ट न होने पर इसमें अपील कर सकेगा। बुधवार को हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय बोर्ड कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की 39वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने यह जानकारी दी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि ईएसआई मेडिकल ट्रिब्यूनल का गठन ईएसआई विनियमन, 1950 (साधारण) के विनिमयन 76 के तहत किया जाएगा।
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वर्तमान में राज्य के सात जिलों में ईएसआई योजना कार्यरत है। हमीरपुर, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में यह योजना शीघ्र कार्यान्वित की जाएगी। सात कार्यान्वित जिलों में ईएसआई कोर्ट की स्थापना की जा चुकी है। शिमला, कांगड़ा और बिलासपुर में ईएसआई के शाखा कार्यालय खोलने की प्रक्रिया जारी है। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने प्रदेश की जल विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कामगारों को ईएसआईसी सुविधा देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को ईएसआईसी के संस्थान खोलने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए।
सभी विभागों को बीमितों को अधिक से अधिक लाभ देने के लिए समन्वय से कार्य कर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम के लाभार्थियों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। निदेशक और सदस्य सचिव क्षेत्रीय बोर्ड संजीव कुमार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम और प्रदेश में कर्मचारी राज्य बीमा योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ईएसआई योजना के तहत चलाए जा रहे अस्पतालों औषधालयों में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी बताया।
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बैठक में निदेशक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन सुमित खिमटा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं एवं परिवार कल्याण डॉ. अनीता महाजन, निदेशक और सदस्य सचिव क्षेत्रीय बोर्ड संजीव कुमार, उप निदेशक पीबी गुरंग, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के राज्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित साहलीवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक आदर्श अस्पताल बद्दी डॉ. सुनील दत्त शर्मा, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय मजदूर संघ, सीआईटीयू और इंटक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।