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टाइम स्केल नहीं दिया तो हाईकोर्ट जाएंगे डॉक्टर

Thu, 22 Oct 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी टाइम स्केल की अधिसूचना जारी न होने से प्रदेश के डॉक्टर नाराज हैं। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार से एक हफ्ते में टाइम स्केल की अधिसूचना जारी करने की मांग की है। कहा कि अगर मांग को अनसुना किया गया तो एसोसिएशन हाईकोर्ट जाएगी।
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राज्यपाल के पास भी मामला लेकर जाएंगे। एसोसिएशन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर मुख्यमंत्री के आदेश नहीं मानने का आरोप लगाया। महासचिव डा. जीवानंद चौहान ने कहा कि अफसर जानबूझ कर डॉक्टरों को हड़ताल पर जाने के लिए विवश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। अगर कोई हल नहीं निकला तो हाईकोर्र्ट में जाने का ही आखिरी विकल्प बचेगा।

टाइम स्केल की मांग को लेकर प्रदेश के डॉक्टरों ने मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले अगस्त में हड़ताल की थी। पेन डाउन स्ट्राइक और सामूहिक अवकाश लेकर डॉक्टरों ने विरोध जताया था। 24 सितंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में डॉक्टरों को टाइम स्केल देने का फैसला लिया था।
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डॉक्टरों को 4-9-14 टाइम स्केल मिलने पर मासिक वेतन में तीन से चार हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। बीते दो साल का एरियर भी मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2013 से चिकित्सकों को टाइम स्केल देना बंद कर दिया था। टाइम स्केल जारी होने से वर्तमान में करीब 800 डॉक्टर लाभान्वित होंगे।

चरणबद्ध तरीके से सभी इन्हें यह लाभ मिलेगा, लेकिन कैबिनेट के फैसले के करीब एक माह बाद भी टाइम स्केल की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इससे इनमें रोष है।

क्या है टाइम स्केल- कोई कर्मचारी अगर चार साल तक एक ही पद पर तैनात रहता है और उसे पदोन्नति नहीं मिलती है तो ऐसी स्थिति में टाइम स्केल के तहत एक इंक्रीमेंट (वित्तीय लाभ) मिलेगा। इसी तरह नौ साल और चौदह साल के बाद भी यह वित्तीय लाभ मिलेगा।
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