नगर निगम सोलन में कोरम पूरा नहीं होने के कारण महापौर और उपमहापौर का चुनाव नहीं हो पाया। अब दोबारा 7 दिसंबर को चुनाव करवाने का निर्णय लिया गया। उस दिन कोरम पूरा न भी हुआ तो भी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। सोमवार को चुनाव अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव समेत नगर निगम के अधिकारी दोपहर 12:00 नगर निगम सभागार में पहुंच गए। दोपहर बाद 3:30 बजे तक वह पार्षदों का इंतजार करते रहे। चुनाव करवाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। मतदान कक्ष और मतपेटी भी सभागार में रख दी गई थी, मगर न तो भाजपा का कोई पार्षद आया और न ही कांग्रेस का।
यहां तक कि स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक कर्नल डॉ, धनीराम शांडिल भी चुनाव प्रक्रिया में नहीं पहुंचे। केवल एक निर्दलीय पार्षद मनीष सोपाल ही पहुंचे। इसके बाद एडीसी ने चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी। दिनभर रही चर्चा, कार्यकर्ता डटे रहेचुनाव के दौरान दिनभर कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के बाहर घूमते रहे। यह सभी भी पार्षदों के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान दिनभर चुनावी समीकरण भी बाहर बनते रहे। मगर दोपहर बाद तक जब कोई पार्षद नहीं पहुंचा तो सभी वहां से लौट गए।
बैठकों का चलता रहा दौरउधर, कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने चुनाव को लेकर बैठकें कीं। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री ने सोलन के नए सर्किट हाउस में बैठक बुलाई थी, मगर उसमें केवल एक पार्षद सरकार सिंह ही पहुंचे। अन्य सभी पार्षदों ने बैठक से किनारा किया। वहीं भाजपा भी मंगलवार को चुनाव को लेकर एक और बैठक कर सकती है। हालांकि भाजपा अभी कांग्रेस के प्रत्याशी तय होने का इंतजार कर रही है। उसके बाद ही वह अपने पत्ते खोलेगी।
भाजपा ने चुनाव टालने का जताया विरोधवहीं पहले से तय पांच दिसंबर के चुनाव को टालने पर भाजपा ने विरोध जताया। भाजपा के पदाधिकारी मामले में उपायुक्त सोलन से मिले। उन्होंने चुनाव टालने को लेकर भी उपायुक्त के समक्ष सवाल खड़े किए और निर्धारित तिथि पर दोबारा से चुनाव करवाने की मांग उठाई।
भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों के पार्षद चुनाव प्रक्रिया में नहीं आए। ऐसे में अब 7 दिसंबर को दोबारा से चुनाव करवाए जाएंगे। पहले 5 दिसंबर को चुनाव की तिथि तय की गई थी, मगर इसमें समय तय नहीं होने के कारण कुछ पार्षदों ने विरोध जताया।
-अजय यादव, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन