शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने शुक्रवार को अमृत मिशन के लिए आयोजित स्पेशल हाउस में भाग लिया। हाउस के दौरान विधायक और मेयर के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। अमृत मिशन को लेकर हो रही चर्चा के दौरान विधायक सुरेश भारद्वाज ने मेयर, डिप्टी मेयर और प्रदेश के शहरी विकास मंत्री के बीच स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन को लेकर चल रही बयानबाजी का जिक्र कर दिया।
इसके बाद मेयर संजय चौहान ने उनसे अमृत मिशन के लिए बनाए सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान पर चर्चा करने का आग्रह किया। इस पर विधायक सुरेश भारद्वाज ने मेयर पर तंज कसते हुए कहा कि आपने शिमला का सत्यानाश कर दिया। इसके बाद मेयर संजय चौहान ने शहर के विकास में पिछड़ने का ठीकरा पूर्व भाजपा सरकार पर फोड़ दिया।
विधायक ने आरोप लगाया कि मेयर, डिप्टी मेयर हाउस के दौरान पार्षदों को बोलने ही नहीं देते और मनमानी करते हैं। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक है। संजय चौहान ने बताया कि विधायक से मात्र इतना आग्रह किया था कि अमृत मिशन को लेकर बनाए सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान के एजेंडे पर चर्चा करें।
दो पेज के एजेंडे पर जमकर हुआ घमासान
अमृत मिशन को लेकर आयोजित स्पेशल हाउस में नगर निगम प्रशासन की ओर से पार्षदों को दो पेज का एजेंडा दिया गया। मिशन के तहत किस वार्ड में क्या क्या काम होंगे इसका एजेंडे में उल्लेख नहीं था। निगम पार्षद सुशांत कपरेट, शैलेंद्र चौहान, अनूप वैद्य, सुरेंद्र चौहान, सरोज ठाकुर और कला शर्मा ने एजेंडे में पूरा विवरण न होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
इंजनघर से पार्षद सुशांत कपरेट ने कहा कि, मैं अपने वार्ड का प्रतिनिधि हूं, मुझे पता होना चाहिए कि मिशन के तहत मेरे वार्ड में क्या काम होंगे। इसके अलावा मेरी द्वारा दी गई प्राथमिकताओं को प्रोजेक्ट में शामिल किया है या नहीं यह जानना भी मेरा अधिकार है। पार्षदों के विरोध के बाद मेयर संजय चौहान ने सभी पार्षदों को हाउस के दौरान ही पूरा विवरण देने का आश्वासन दिया लेकिन हाउस खत्म होने के बाद ही पार्षदों को डिटेल नहीं मिली।
एमसी हाउस में अमृत मिशन के लिए 384 करोड़ का प्लान पास
अमृत मिशन पर नगर निगम के स्पेशल हाउस के दौरान शुक्रवार को 384 करोड़ का सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान (एसएलआईपी) पास किया गया। प्लान के तहत शहर में पानी की आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था सुधार, शहरी परिवहन में सुधार, ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने और पार्कों के निर्माण पर पैसा खर्च किया जाएगा। शुक्रवार को निगम महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में स्पेशल हाउस आयोजित किया गया।
नगर निगम के उप महापौर टिकेंद्र पंवर भी इस मौके पर उपस्थित रहे। हाउस के दौरान निगम आयुक्त पंकज राय और सहायक आयुक्त प्रशांत सरकैक ने सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान के विभिन्न बिंदुओं को सदन के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक निगम को 52 करोड़ रुपये खर्च करने हैं।
अब तक राजस्थान, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना अपना सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान अप्रूव करवा चुके हैं। शिमला का प्लान अप्रूव होने के बाद हिमाचल चौथा राज्य बन जाएगा। अमृत मिशन के तहत बताए गए रिफार्म अगर नगर निगम शिमला भी कर देता है तो केंद्र से विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
प्लान के तहत ऐसा होगा 384 करोड़ आवंटन
पानी के प्रोजेक्ट 43.60 करोड़ी, सीवरेज सुविधा 33.87 करोड़, दूषित पानी की निकासी 55.50 करोड़, शहरी परिवहन 232.14 करोड़, पार्क का निर्माण 19.32 करोड़
तीन पार्षदों ने नहीं दी प्राथमिकताएं- अमृत मिशन के तहत पार्षद अपने वार्ड में कौन कौन से विकास कार्य करवाना चाहते हैं इसे लेकर निगम ने पार्षदों से उनकी प्राथमिकताएं पूछी थीं। 30 सितंबर तक पार्षदों को अपनी प्राथमिकताएं निगम सहायक आयुक्त कार्यालय में जमा करवानी थी। लेकिन शहर के तीन वार्डों कनलोग, बैनमोर और जाखू के पार्षदों की प्राथमिकताएं निगम को नहीं मिली।
कनलोग के पार्षद आलोक पठानिया ने बताया कि उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं जेई के पास दी थीं, जेई से आगे पहुंचने में समय लग गया होगा। बैनमोर के पार्षद अनूप वैद्य ने बताया कि निगम के एक्सईएन को मौखिक तौर पर प्राथमिकताएं बता दी थीं। जाखू के पार्षद मनोज कुठियाला ने बताया कि पहले भी कई बार प्राथमिकताएं दी लेकिन होता कुछ नहीं है।
जानिए कहां खर्च होगा कितना पैसा
वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट
शहर में बिछेंगी पानी की नई पाइपें====3.12 करोड़
पुरानी पाइप लाइन की मरम्मत======67 लाख
पानी के नए टैंकों का निर्माण=======1.18 करोड़
नाले, चश्मे और बावड़ी की रिपेयर===16 लाख
लीक डिटेक्टेशन मशीन की खरीद====50 लाख
हर वार्ड के लिए वाटर एटीएम======01 करोड़
7 स्थानों पर फिल्ट्रेशन प्लांट=======01 करोड़
आटोमेटिक वाटर मीटर==========20 करोड़
पानी के वाल्व================02 करोड़
स्टोरेज टैंकों के लिए मीटर=======02 करोड़
संजौली से रिज तक सप्लाई में सुधार==10 करोड़
छह वाटर टैंकरों की खरीद==========01 करोड़
सीवरेज मैनेजमेंट और अर्बन ट्रांसपोर्ट एंड मोबिलिटी पर इतना खर्च
सीवरेज मैनेजमेंट
नई सीवरेज पाइप लाइन=======33.01 करोड़
सीवरेज लाइनों की रिपेयर======87 लाख
सड़क किनारे नालियों की रिपेयर===17 करोड़
नालों का निर्माण=============38 करोड़
बर्फ हटाने वाली मशीनें========50 लाख
अर्बन ट्रांसपोर्ट एंड मोबिलिटी
रास्ते का निर्माण और रेलिंग व्यवस्था=======25.5 करोड़
रास्तों के किनारे 1000 स्ट्रीट लाइट=======1.5 करोड़
कार्टरोड, बाईपास पर फुट ओवर ब्रिज======10.2 करोड़
सर्कुलर रोड, एमसी रोड, बाईपास पर फुटपाथ=14.4 करोड़
25 वार्डों में 54 नई पार्किंगें==============162.8 करोड़
एस्केलेटर और लिफ्ट==================6.2 करोड़
15 टैक्सियों की खरीद=================1.5 करोड़
46 कम्यूनिटी पार्किंगों का निर्माण===========10 करोड़
पार्क एवं हरित पट्टी के विकास पर खर्च
मौजूदा पार्कों का विकास एवं झूलों की खरीद==50 लाख
साइट डेवलपमेंट और लैंडस्केप==========60 लाख
कुसुम्पटी रानी ग्राउंड का विकास=========1.29 करोड़
एडवांस स्टडी में बैडमिंटन कोर्ट=========1 करोड़
ओकओवर से राहत होटल तक पार्क=====2.13 करोड़
25 वार्डों में नए पार्कों का विकास======= 12 करोड़
नेचर पाथ का निर्माण================1.80 करोड़