भाजपा समेत तीन कांग्रेसी पार्षदों ने जताया विरोध
शहर में टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव पर भाजपा पार्षदों ने विरोध किया है। पार्षद सरोज ठाकुर, आशा शर्मा, कमलेश मेहता, कल्याण धीमान ने कहा कि इससे जनता पर बोझ पड़ेगा। निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए दूसरे उपाय करें। इसी बीच कांग्रेस के तीन पार्षद भी विरोध में उतर आए। मज्याठ पार्षद अनीता शर्मा ने टैक्स बढ़ाने की जगह आय बढ़ाने के अन्य तरीके बताए। इन्हें बीच में टोकते हुए महापौर ने कहा कि 40 करोड़ के अनुदान के लिए टैक्स बढ़ाना जरूरी है। इस पर भट्ठाकुफर से कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर बिफर गए। कहा कि यह शहर की जनता से लूट है। टैक्स नहीं बढ़ना चाहिए।
महापौर मज्याठ पार्षद के सुझाव तक नहीं सुन रहे। ऐसा नहीं चलेगा। कहा कि इससे अच्छा तो ग्रीन फीस वसूली जानी चाहिए ताकि शहर की जनता पर बोझ न पड़े और निगम को आय भी हो। पार्षद सिमी नंदा ने भी टैक्स की जगह लंबित बिल वसूलने की बात कही। हालांकि, कांग्रेस के बाकी 21 पार्षद इस मामले पर मौन रहे और इसके चलते सदन में यह प्रस्ताव पारित हो गया। इस साल शहर में पेयजल दरों और कूड़ा बिलों में भी दस फीसदी तक की बढ़ोतरी हो चुकी है।
दो रुपये से पांच हजार तक की बढ़ोतरी
प्रॉपर्टी टैक्स में चार फीसदी की बढ़ोतरी होने पर भवन मालिकों को दो रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक का ज्यादा टैक्स देना होगा। भवन के आकार और इसके इस्तेमाल के हिसाब से निगम टैक्स वसूलता है।