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जू घूमने के लिए बैंकाक से 97 किमी दूर पहुंच गए मेयर-पार्षद

Mon, 09 May 2016 12:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सरिराचा टाइगर जू पहुंचे मेयर। - फोटो : अमर उजाला
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मलेशिया और बैंकाक की एक्सपोजर विजिट के दौरान नगर निगम महापौर और पार्षदों ने थाइलैंड की पटाया सिटी का सरिराचा टाइगर जू भी देखा। पटाया समुद्र के किनारे बसा थाइलैंड का सुंदर शहर है।
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पटाया सिटी स्थित सरिराचा जू देखने के लिए मेयर और पार्षदों ने बैंकाक से करीब दो सो किलोमीटर आवाजाही की। इस जू में प्रवेश के लिए 420 बहट् (थाई करेंसी) करीब 800 रुपये की एंट्री टिकट है।

खूब की मौज मस्ती

सरिराचा टाइगर जू
खाने पीने के लिए अलग से खर्चा करना पड़ता है। बैंकाक-पटाया हाईवे से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित इस जू के लिए पटाया के होटलों से शटल सर्विस उपलब्ध करवाई गई है।

सरिराचा जू में दो सौ के करीब शेर और दस हजार से अधिक मगरमच्छ हैं। पटाया शहर का यह जू ऐनिमल शो के लिए विश्व भर में मशहूर है। इस जू में शेरों के बच्चों के साथ फोटोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध है।

एमसी ने सरकार पर फोड़ा ठीकरा, कहा-गलत प्लानिंग से फैला पीलिया

महापौर संजय चौहान - फोटो : फाइल फोटो
शहर में फैलने का ठीकरा एमसी ने सरकार के सिर फोड़ दिया है। एमसी का दावा है कि पीलिया प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि सरकार की गलत प्लानिंग इसके लिए उत्तरदायी थी। अब बाकायदा नगर निगम ने पीलिया से निपटने की प्लानिंग की है। सुझाव सरकार को भी दिया जाएगा। यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट के माध्यम से यह संभव होगा।

महापौर संजय चौहान ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीवरेज के निष्पादन के लिए कोई नीति ही नहीं बनी है। सीवरेज का पानी नालों और नदियों में बहाया जा रहा है और आगे जा कर लिफ्ट करने के बाद पीने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। नगर निकायों में विकेंद्रीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन ही इसके लिए एक मात्र विकल्प है।

यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट के जरिये नगर निगम न सिर्फ इसे लेकर लोगों को जागरूक कर रहा है बल्कि एक्सपोजर विजिट के जरिये हासिल की गई देश विदेश की उन्नत प्रणालियों से सरकार को अवगत करवाने की भी तैयारी है। मेयर ने बताया कि एक अप्रैल 2013 में शुरू हुआ यूरोपियन यूनियन वित्त पोषित प्रोजेक्ट की अवधि 42 माह है।

प्रोजेक्ट में एमसी शिमला के अलावा बैंगलोर की सीडीडी सोसायटी और जर्मन एनजीओ बीओआरडीए पार्टनर हैं। नाहन, मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला के शहरी निकायों को भी प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। प्रेसवार्ता में निगम पार्षद कुसुम ठाकुर, भारती सूद, कांता सयाल, दीक्षा ठाकुर, सुरेंद्र चौहान, मनोज कुठियाला, शशि शेखर चिन्नू मौजूद रहे।

पॉलिटिशियन से ज्यादा टेक्निकल कोई नहीं होता

महापौर संजय चौहान - फोटो : फाइल फोटो
मेयर और पार्षदों के मलेशिया और बैंकाक दौरे के दौरान किसी टेक्निकल एक्सपर्ट को साथ न ले जाने पर सवाल उठाए गए थे। मेयर ने प्रेस कांफ्रेंस के इस पर सफाई देते हुए कहा कि सबसे बड़ा टेक्निकल एक्सपर्ट पॉलिटिशियन खुद होता है। निगम के कई अनुभवी पार्षद टूर पर गए थे। मेयर ने साफ किया कि सीडीडी सोसायटी की ओर से राहुल सचदेवा और एंड्रयू जैकब बतौर तकनीकी विशेषज्ञ टूअर में साथ थे।

लोग पूछ रहे हैं एक्सपोजर विजिट से शिमला को क्या मिला- चौहान ने बताया कि मलयेशिया और बैंकाक की एक्सपोजर विजिट से लौटने पर शिमला में लोगों ने उनका स्वागत किया, लेकिन अब लोग पूछ रहे हैं कि विदेश यात्रा से शहर को क्या मिला। लोगों में यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट को लेकर जिज्ञासा है। लोगों की जिज्ञासा शांत करने के लिए ही अपने अनुभव मीडिया से साझा कर रहा हूं।

जून माह में एमसी करवाएगा स्टेट लेवल वर्कशाप- अगले महीने नगर निगम एक स्टेट लेवल वर्कशाप करवाने जा रहा है। वर्कशाप में राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर के जानकारों को आमंत्रित किया जाएगा। प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को वर्कशाप में आमंत्रित किया जाएगा।

प्रोजेक्ट 6 माह आगे बढ़ाने की मांग उठाएगा एमसी- यूरोपियन यूनियन प्रोजेक्ट की अवधि इस साल अगस्त माह में खत्म हो रही है। प्रोजेक्ट का पैसा अभी बचा हुआ है। इसलिए नगर निगम के मेयर दिल्ली जा कर प्रोजेक्ट को कम से कम छह माह आगे बढ़ाने की मांग उठाएंगे। 7 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में प्रचार प्रसार और एक्सपोजर विजिट के मद में अभी पैसा बाकी है।
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प्रोजेक्ट में अब तक क्या हुआ, क्या होगा

नगर निगम शिमला
मलेशिया, बैंकाक, पुणे, शोलापुर, बंगलूरू, सिक्किम, दिल्ली और मुंबई की एक्सपोजर विजिट
सीवरेज सुविधा से रहित कुसुम्पटी वार्ड के कुछ भाग में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम स्थापित करने की योजना
टूटु में सामुदायिक शौचालय और स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की योजना
सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये शहर के ठोस कचरे को ठिकाने लगाने की योजना
4 सहयोगी शहरी निकायों के लिए सिटी सेनिटेशन प्लान बनाने की योजना
स्वच्छता सेवाओं से संबधित नियमों में संशोधन को लेकर सरकार को सिफारिशें भेजने की योजना
शिमला का सिटी सैनिटेशन प्लान बनाया गया
पीलिया पर 4 मार्च को वर्कशाप
5 जून 2014 को शिमला इनवायरमेंट एजूकेशन प्रोग्राम लांच
ग्रीन फोर्स शिमला का गठन और हनी सक्कर मशीन की खरीद
शहर के 118 स्कूलों और सभी शौचालयों का सर्वे
सामुदायिक शौचालय और स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
तिब्बतियन स्कूल और लालपानी स्कूल में ग्रीन स्कूल कांसेप्ट लागू करने की योजना
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