सुबह 11 बजे बचत भवन में शुरू होगी बैठक
दोपहर ढाई बजे होगी नगर निगम की मासिक बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। चुनावी साल में भाजपा शासित नगर निगम का पांचवां और आखिरी बजट शुक्रवार को पेश किया जाएगा। महापौर सत्या कौंडल शुक्रवार सुबह 11 बजे बचत भवन में अपना आखिरी बजट पेश करेंगी।
नगर निगम चुनाव से ठीक पहले पेश होने वाले इस बजट में शहरवासियों को राहत देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। शहरवासी भी बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि चार सालों के बजट की तरह इस बार नगर निगम का बजट महज दिखावा नहीं होगा। इसमें राहत के कई प्रावधान होंगे। बीते बजट में शहरवासियों को सपने तो बड़े बड़े दिखाए गए, लेकिन इन पर काम नहीं हुआ। नगर निगम का बजट स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन टू के बजट पर केंद्रित रहने वाला है। शहरवासियों के अलावा नगर निगम के कर्मचारियों के लिए भी बजट में कुछ घोषणाएं होने की उम्मीद है। नगर निगम अपनी कई सेवाएं भी आनलाइन करने पर घोषणा कर सकता है। इसके अलावा खाली पदों को भरने को लेकर भी बजट में प्रावधान होने की उम्मीद है। महापौर सत्या कौंडल का कहना है कि बजट तैयार कर लिया है। प्रयास रहेगा कि शहरवासियों को इसमें राहत मिल सके।
पेयजल बिलों में राहत की उम्मीद
चुनावी साल में पेश हो रहे इस बजट में शहरवासियों को पेयजल बिलों से राहत देने के लिए कुछ रियायतें देने पर घोषणा हो सकती है। बजट में सालाना 10 फीसदी की बढ़ोतरी इस साल न करने, कुछ स्लैब फ्री करने जैसे प्रावधान होने की शहरवासी उम्मीद लगा रहे हैं।
बजट से पांच बड़ी उम्मीदें
1. उपनगरों में बने पार्क-पार्किंग, चौड़ी हों सड़कें
2. सड़कों से बर्फबारी हटाने के लिए स्नो कटर
3. सभी वार्डों में सामुदायिक भवन, बुक कैफे, वाडरु़ दफ्तर
4. हर वार्ड में एंबुलेंस रोड, पक्के रास्ते, टैक्सी सुविधा
5. पेयजल बिलों से राहत, माफ हो कोरोनाकाल के कूड़ा बिल
5 बड़ी घोषणाएं जो नहीं हुई पूरी
1. अस्पतालों में मुफ्त खाना, 10वीं 12वीं के मेधावियों को लैपटॉप
2. निगम की टेस्ट लैब जिसमें लोगों को सस्ते टेस्ट की सुविधा देंगे
3. शहर में मोनोरेल चलाना, फ्लाईओवर बनाना
4. शहरवासियों को एक छत के नीचे निगम की सभी सेवाएं देना
5. गौसदन बनाना, महिलाओं को स्वरोजगार, सिटी म्यूजियम, लाइट इफैक्ट
चुनाव पर असर डालेगा बजट
तीन महीने के भीतर नगर निगम के चुनाव होने हैं। यदि बजट में कई बड़ी घोषणाएं होती हैं तो इसका असर चुनाव पर पड़ सकता है। नगर निगम में मीरा शर्मा के इस्तीफे के बाद भाजपा के 20 पार्षद रह गए हैं। कांग्रेस के 11, माकपा की एक और निर्दलीय एक पार्षद है।