शिमला। प्रदेश सरकार ने बजट में नगर निगम प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाने की भी घोषणा की है। शिमला की महापौर को अब 12 हजार की जगह 15000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में अब तक महापौर के मानदेय में कुल सात हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। उपमहापौर का मानदेय भी 8500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया है। नगर निगम पार्षदों को 5500 रुपये की जगह 6500 रुपये मानदेय मिलेगा। पार्षदों को करीब 750 रुपये मोबाइल भत्ता भी दिया जाता है। कोरोना के चलते बीते कई साल से पंचायत प्रतिनिधियों की तरह नगर निगम में चुने हुए नुमाइंदों का मानदेय भी नहीं बढ़ा था।
अब की बार सरकार ने इनके मानदेय को बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, शिमला नगर निगम में बढ़े हुए मानदेय का वर्तमान पार्षदों को ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि मई-जून में नगर निगम के चुनाव होने हैं। चुनाव के बाद चुनकर आने वाले नए पार्षदों को इसका फायदा मिलने वाला है। नगर निगम महापौर सत्या कौंडल ने मानदेय बढ़ाने के लिए सरकार का धन्यवाद किया है।