लाहौल-स्पीति के गोहरमा गांव के शहीद लांस नायक राजेश कुमार (30) का शमशी के भुंतर स्थित श्मशानघाट में शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राजेश कुमार की पार्थिव देह को उनके पांच साल के बेटे ने मुखाग्नि दी।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के गोहरमा गांव के शहीद लांस नायक राजेश कुमार (30) का शमशी के भुंतर स्थित श्मशानघाट में शुक्रवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राजेश कुमार की पार्थिव देह को उनके पांच साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। मेजर अजय ने बताया कि राजेश कुमार डोगरा स्काउट यूनिट के साथ किन्नौर के साथ लगते ऋषि डोंगरी पोस्ट पर तैनात थे। 19 अप्रैल को ड्यूटी के बाद जिप्सी से बटालियन लौट रहे थे। रास्ते में भूस्खलन से जिप्सी खाई में जा गिरी। चालक तो वाहन से बाहर निकल गया, लेकिन राजेश कुमार नहीं निकल पाए। उनके सिर पर गहरी चोट आई थी। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से चंडीगढ़ शिफ्ट किया गया।
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वहां पहुंचने के बाद उनका निधन हो गया था। उधर, तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा भी शहीद राजेश की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शमशी से लेकर भुंतर तक क्षेत्र भारत माता की जय और लांस नायक अमर रहे के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। डोगरा रेजिमेंट में बतौर लांस नायक तैनात राजेश कुमार बीते मंगलवार को किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में भूस्खलन की चपेट में आने से शहीद हो गए थे। उनकी पार्थिव देह शुक्रवार को शमशी पहुंची। इस दौरान सेना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।