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Shimla News: जन्म-मृत्यु का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहीं कई पंचायतें

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उपायुक्त ने अधिकारियों को जल्द प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश, हर पंचायत को ऑनलाइन पंजीकरण करना जरूरी
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जिले की 18 पंचायतों में अभी काम ही शुरू नहीं

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले की कई पंचायतें जन्म और मृत्यु का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर रही हैं। इससे लोगों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ सकता है। कई पंचायतें जहां इस काम में देरी कर रही हैं तो वहीं 18 पंचायतें ऐसी भी हैं जिन्होंने अभी तक इस काम को शुरू ही नहीं किया है।

प्रशिक्षण देने के बावजूद इस काम में देरी पर उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। इन्हें जल्द ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण के सौ फीसदी पंजीकरण को लेकर शुक्रवार को आयोजित अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। बैठक में रिपोर्ट दी गई कि शिमला ग्रामीण, ठियोग, चौपाल, नेरवा, कोटखाई, टिक्कर, रामपुर और डोडरा क्वार की 18 पंचायतें जीरो रिपोर्टिंग रूरल रजिस्ट्रेशन यूनिट के रूप में शामिल हैं। इनमें अभी तक जन्म और मृत्यु का ऑनलाइन पंजीकरण नहीं किया जा रहा है।
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केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार सभी पंचायतों में अब जन्म और मृत्यु का ऑनलाइन पंजीकरण करना जरूरी है। इसका फायदा यह है कि लोगों को जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन ही अब यह प्रमाण पत्र मिल जाएंगे। उपायुक्त ने सभी जीरो रिपोर्टिंग यूनिट को जल्द ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह लोगों को भी पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें।



अब ऐेसे जारी नहीं हाेंगे जन्म प्रमाण पत्र
परिवार रजिस्टर के आधार पर जारी किए गए जन्म प्रमाण पत्र अब मान्य नहीं हैं। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को जन्म रजिस्टर के आधार पर ही जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रमाण पत्र सरकार की ओर से स्वीकृत फॉर्मेट में ही जारी होंगे। कई संस्थानों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी हो रही है। इसे लेकर भी शिकायतें पहुंची हैं। ऐसे संस्थान के संबंधित अधिकारी पर अब प्रमाण पत्र में देरी करने पर 1000 रुपए प्रति विलंबित पंजीकरण के आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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विवाह पंजीकरण भी करें सुनिश्चित
डीसी अनुपम कश्यप ने लोगों से आग्रह किया कि विवाह के बाद निश्चित समय अवधि के अंदर अपना विवाह पंजीकरण भी सुनिश्चित कर लें। इसमें देरी पर न सिर्फ फीस ज्यादा लगेगी बल्कि प्रक्रिया भी लंबी होगी। यदि किसी व्यक्ति को 2015 से पहले का डिजिटल प्रमाण पत्र चाहिए तो उसके लिए सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। यह भी बताया कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण 21 दिन के भीतर किया जाता है तो पंजीकरण निशुल्क होगा। 21 दिन से ज्यादा और 30 दिन के भीतर पंजीकरण करने पर 20 रुपये की लेट फीस लगेगी। इसी तरह जन्म या मृत्यु के 30 दिन के बाद पंजीकरण करने पर 50 रुपये की लेट फीस और जिला पंजीयक की स्वीकृति के साथ अन्य दस्तावेज की जरूरत होगी। एक वर्ष से अधिक समय के बाद पंजीकरण करने पर 100 रुपये लेट फीस और आवश्यक दस्तावेज लगाने जरूरी हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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