कोरोना महामारी से पहले मणिमहेश यात्रा के दौरान जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर होने वाले छोटे न्हौण के दौरान हजारों की संख्या में शिव भक्त पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए भरमौर पहुंचते थे। लेकिन, बीते वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा रस्मों तक ही सीमित रहेगी।
पड़ोसी राज्य जम्मू से मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चौरासी परिसर भरमौर में शिव भक्त छड़ी सहित पहुंचे हैं। अपने आराध्य देव महादेव की चरण स्थली चौरासी में छड़ी सहित जैसे ही श्रद्धालुओं का पहला जत्था पहुंचा तो पूरा क्षेत्र शिव के जयकारों से गूंज उठा। कोरोना महामारी के चलते करीब 25 श्रद्धालुओं का जत्था मणिमहेश यात्रा पर पहुंचा है। यह जत्था मंगलवार की रात चौरासी परिसर के मंदिरों में ठहरेगा।
विज्ञापन
बुधवार को भरमाणी माता के दर्शनों के बाद अपने अगले पड़ाव के लिए कूच करेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना के चलते जिला प्रशासन द्वारा चंद लोगों को ही यात्रा करने की अनुमति दी गई है। कोरोना महामारी से पहले मणिमहेश यात्रा के दौरान जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर होने वाले छोटे न्हौण( स्नान)के दौरान हजारों की संख्या में शिव भक्त पवित्र डल में डुबकी लगाने के लिए भरमौर पहुंचते थे। लेकिन, बीते वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा रस्मों तक ही सीमित रहेगी।