50 फीसदी कम पहुंचा पिछले साल के मुकाबले मंडियों में सेब संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। सेब बागवानों पर भी मौसम की मार पड़ी हैै। लोगों का कहना है कि पहले ही फसल बहुत कम है अब खराब मौसम के कारण सेब मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
पिछले साल के मुकाबले मंडियों में इस बार सेब 50 प्रतिशत कम पहुंच रहा है। प्रदेश की हर मंडी में पिछले साल 15 अगस्त तक 25 लाख पेटी सेब पहुंच गया था। इस बार अभी तक महज 12 लाख पेटी सेब ही पहुंचा है। आढ़तियों का कहना है कि मंडियों में कम सेब आने का मुख्य कारण खराब सड़कें हैं। सेब की कम आपूर्ति के कारण लदानियों को खाली हाथ जाना पड़ रहा है।
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भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप सिंह चौहान ने बताया इस बार कम आपूर्ति के साथ सेब की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। वीरवार को भट्ठाकुफर फल मंडी में पांच से छह हजार सेब की पेटियां पहुंचीं। 20 अगस्त के बाद सेब की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है।
कोट
कम फसल होने और खराब मौसम के कारण मंडियों में सेब की आपूर्ति पिछले साल के मुकाबले काफी कम है। पिछले साल 15 अगस्त तक जिला शिमला की मंडियों में 24,57,185 सेब की पेटियां पहुंची थीं। इस साल 15 अगस्त तक 12,48,185 सेब की पेटियां पहुंचीं है।
सेब के दामों में उछाल
पराला फल मंडी के आढ़ती अशोक ने कहा कि बारिश से मंडियों में सेब काफी कम आ रहा है। ऐसे में सेब के दामों में हल्का उछाल आया है। अच्छी किस्म का सेब 80 से 100 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। कुछ दिनों से मंडियों में सेब की आपूर्ति काफी कम हो गई है। बताया कि मंडी में मध्यम इलाके का सेब आना शुरू हो रहा है। आने वाले दिनों में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है।