मंडी शिवरात्री महोत्सव के लिए पहुंचे देवी-देवता।
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बड़ी जलेब 19 फरवरी को माधोराय मंदिर से पड्डल मैदान तक निकाली जाएगी, जहां सीएम संबोधित करेंगे। 23 फरवरी को बाबा भूतनाथ की जलेब भी निकाली जा रही है। ऐसा पहली बार होने जा रहा है। जलेब विक्टोरिया ब्रिज से ब्यास नदी होती हुई चौहाटा भूतनाथ मंदिर तक आएगी और फिर इसी रास्ते वापस होगी। इसमें साधु संतों सहित शहरवासी और शिवभक्त शामिल होंगे। उधर, सात दिन तक सेरी मंच पर विभिन्न प्रकार की खेलें और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विभिन्न सांस्कृतिक दल, महिला मंडल, युवक मंडल, स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों की ओर से अपनी प्रतिभा दिखाई जाएगी। इस मौके पर डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने सभी को शिवरात्रि महोत्सव की शुभकामनाएं दीं और सभी से इस महोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया
सांस्कृतिक संध्याएं
सेरी मंच पर छह सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। एक दशक बाद सेरी मंच पर हो रही सांस्कृतिक संध्याओं का 19 फरवरी को महाशिवरात्रि मेले के साथ आगाज होगा। पहले दिन स्टार कलाकार साबरी ब्रदर होंगे। पार्श्व गायक कुमार साहिल, सैंड आर्ट और सुखाश्रय अब सपने पूरे का मंचन होगा। 20 फरवरी को हिमाचली नाइट होगी। इसमें नमन बैंड, गायिका गीता भारद्वाज और कुलदीप शर्मा रंग जमाएंगे। 21 फरवरी की शाम शहीदों को समर्पित होगी। सारेगामापा लिटिल चैंप पायल ठाकुर, ममता भारद्वाज और अभिजीत रियलटी शो फेम अभिजीत परफारमेंस देंगे। 22 फरवरी को अरिन और अर्षप्रीत की जोड़ी रंग जमाएगी। गोपाल शर्मा भी मनोरंजन का तड़का लगाएंगे। स्टार कलाकार पार्श्व गायक शबाब साबरी होंगे। 23 फरवरी को वाॅयस ऑफ इंडिया फेम रमेश ठाकुर के अलावा विनीत सिंह परफॉर्म करेंगे। स्टार कलाकार पंजाबी सिंगर अशोक मस्ती रहेंगे। 24 फरवरी को अंतिम सांस्कृतिक संध्या में विक्की चौहान रंग जमाएंगे। वॉयस ऑफ पंजाब के विनर दीपेश राही और अभिज्ञ बैंड भी परफॉर्म करेंगे।
सीएम सुक्खू करेंगे मंडी महाशिवरात्रि का आगाज
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव 19 फरवरी को माधोराय की शाही जलेब के साथ शुरू होगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे। वह राज देवता माधोराय और आराध्य देव भूतनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद शाही अंदाज में निकलने वाली माधोराय की शोभायात्रा में शामिल होंगे। इस देव समागम में जिला के 216 देवी-देवता अपने देवलुओं, कारदारों, गूरों और बजंतरियों को निमंत्रण दिया गया है। जलेब में चुनिंदा देवी देवता ही हाजिरी भरेंगे। सात दिन तक चलने वाले मेले का समापन 25 फरवरी को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला करेंगे।