मंडी के पास ब्यास नदी में बहे छात्रों की तलाश में कामयाबी न मिलने के बाद अब हिमाचल सरकार ब्यास नदी को ही सुखाने की तैयारी कर रही है। छह दिन के सर्च ऑपरेशन में अब तक महज आठ छात्रों के शव ही बरामद किए जा सके हैं।
बाकी 16 छात्रों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। ऐसे में अब सरकार बदली हुई रणनीति से तलाशी अभियान चलाने पर विचार कर रही है।
इसके लिए जिला प्रशासन पार्वती परियोजना और लारजी परियोजना प्रबंधन के साथ तालमेल कर एक घंटे के लिए ब्यास नदी को सुखाने जा रहे हैं। शनिवार को सुबह सात से आठ बजे तक लारजी डैम के सभी गेट पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे।
बैठक कर तैयार की आगामी रणनीति
शुक्रवार को एक भी शव न मिलने की वजह से जिला प्रशासन और खोज एजेंसियों के अधिकारियों के साथ राज्य सरकार के मंत्री अनिल शर्मा और तेलंगाना के गृहमंत्री नरसिम्हा रेड्डी की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई।
गृहमंत्री के साथ की गई इस बैठक में फैसला लिया गया कि शनिवार को हादसा स्थल से नीचे तीन मिलोमीटर तक ब्यास नदी का पानी सुखाकर तलाश की जाएगी। थलौट हादसे में लापता छात्रों की तलाश के छठे दिन कोई भी शव न मिलने से सर्च ऑपरेशन में लगी एजेंसियों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा।
उपायुक्त मंडी देवेश कुमार ने बताया कि इस अभियान में नौसेना के 20 गोताखोर, एनडीआरएफ के 120 जवान और 30 गोताखोर, नौ बोट, आईटीबीपी के 131 जवान और तीन राफट, एसएसबी के 102 जवान और दो राफट, हिमाचल पुलिस और थर्ड बटालियन के 150 जवान शामिल किए गए हैं।
तीन किलोमीटर के दायरे में चलेगा ऑपरेशन
नदी का पानी रोकने के बाद सर्च ऑपरेशन में लगे करीब साढ़े चार सौ जवान तीन किलोमीटर के दायरे में चप्पा-चप्पा छान मारेंगे। वहीं पर नदी के बीच बने तालाबों में नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोर डुबकी लगाकर शवों की तलाश करेंगे।
शुक्रवार को थलौट से लेकर पंडोह डैम तक 15 किलोमीटर के दायरे में आईटीबीपी, एसएसबी, एनडीआरएफ और हिमाचल पुलिस के करीब सात सौ जवानों और गोताखोंरों को निराशा ही हाथ लगी।
हादसे के छह दिन बाद भी छात्रों के परिजन मंडी में डटे हुए हैं। कुछ को जहां अपने लाडलों के लौटने की उम्मीद है तो कई ऐसे भी हैं जो अब मान रहे हैं कि शायद अब उनके बेटे बेटियां कभी वापस नहीं आएंगे।
सर्च ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं दोनों राज्य
इस सर्च ऑपरेशन पर दोनों राज्य हिमाचल और तेलंगाना बराबर नजर रखे हुए हैं। प्रदेश ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा का कहना है कि शवों की तलाश में चल रहे सर्च अभियान की मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दी गई है। उनके आदेश पर अब दोबारा रणनीति में बदलाव किया गया है।
लारजी डैम में नदी का पानी रोक कर एक घंटे के लिए तीन किमी के दायरे में गहनता से खोज की जाएगी। इसके लिए पार्वती और लारजी परियोजना प्रबंधन के बीच तालमेल स्थापित कर काम किया जाएगा।
उधर, तेलंगाना के गृहमंत्री एन नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि शुक्रवार को नदी में कुछ नहीं मिला, इससे परिवार के लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। कल ही केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात करके सेना के और जवान बढ़ाने की मांग की है। इतने बड़े पैमाने पर सर्च अभियान यहां चल रहा है। इसमें राज्य सरकार का पूरा सयहयोग मिल रहा है।