मानव भारती में दबिश के दौरान ही पुलिस के हाथ माधव विवि से संबंधित दस्तावेज लगे थे। जांच में पता चला कि मानव भारती विवि का मालिक राजकुमार राणा ही माधव विवि को संचालित कर रहा है। पुलिस ने माधव विवि से 1376 खाली डिग्रियां, 14 मोहरें, चार डिस्पैच रजिस्टर, 50 माइग्रेशन प्रमाणपत्र, 199 खाली एनवेलपर, 485 खाली हेडज, 319 खाली डिटेल मार्क्सशीट, दो कंप्यूटर, छह भरी गई डिग्रियों सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने माधव विवि को सील कर दिया है।
मामले को खंगालने में पुलिस टीम होली के दिन भी लगी रही। मानव भारती विवि में देर रात तक सर्च अभियान चलता रहा। पुलिस ने हार्ड डिस्क और कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि जल्द पुलिस पूरा खुलासा करेगी। हरियाणा से गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसकी रिमांड मांगी जाएगी।
फर्जी डिग्री पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। इकाई ने ऐसे निजी संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। इसे लेकर बुधवार को मिनी सचिवालय के बाहर इकाई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपायुक्त के माध्यम में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा।
इकाई सचिव तरुण ठाकुर ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी डिग्रियां बेचने के मामले पर शुरू इकाई सजग रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के व्यापारीकरण पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव भारती में फर्जी डिग्रियों का मामला प्रकाश में आने पर चिंता जताई है। कहा कि इससे सरेआम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इकाई प्रदेश स्तर पर आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से अन्य शिक्षण संस्थानों की जांच करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थानों को कड़ी कार्रवाई कर बंद किया जाना चाहिए।