सीमा सड़क संगठन ने बर्फ हटाकर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग को बहाल कर दिया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का अगला लक्ष्य 13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा को यातायात के लिए बहाल करना है। जल्द ही मनाली-रोहतांग सड़क मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। बीआरओ की टीम काजा मार्ग को बहाल करने के लिए दिन-रात जुटी है। टीम कुंजुम दर्रा के करीब पहुंच गई है।
हाल ही में सीमा सड़क संगठन ने बर्फ हटाकर मनाली-लेह मार्ग को बहाल कर दिया है, लेकिन संकरी सड़क होने की वजह से फिलहाल वाहनों को इस मार्ग से जाने की अनुमति नहीं है। अभी भी इस मार्ग को चौड़ा करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। उधर, मनाली-लेह मार्ग की बहाली के बाद अब रोहतांग दर्रा सीमा सड़क संगठन का अगला लक्ष्य होगा।
अटल टनल बनने के बाद पर्यटक लाहौल घाटी के सिस्सू और कोकसर में बर्फ का दीदार कर रहे हैं, लेकिन इन इलाकों में बर्फ पिघलने के बाद रोहतांग दर्रा सैलानियों की पहली पसंद बनेगा। यहां पूरा वर्ष बर्फ रहती है। यहां पर्यटक बर्फ के बीच शीतकालीन खेलों का भी लुत्फ ले सकते हैं। बीआरओ के कमांडर कर्नल शबरिश वाचली ने कहा कि मनाली-लेह मार्ग की बहाली के बाद रोहतांग दर्रा खोलना बीआरओ का अगला लक्ष्य होगा। साथ ही काजा मार्ग की बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी रहेगा।