इंडिया कैंप में चयन की पूरी उम्मीद थी। चयन नहीं होने से मन हताश हो गया। हॉकी छोड़ने की बात मन में आई। इसकी चर्चा बड़ी बहन कमलेश तोमर से की। बाकी बहनों ने भी कभी जीवन में हार नहीं मानने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही देश की बेहतरीन हॉकी अकादमी ग्वालियर ज्वाइन करवाया। इसके बाद खेल की बारीकियां सीखने के साथ और बेहतर प्रदर्शन करने का उत्साह बढ़ गया। इसका प्रतिफल यह रहा कि बेहतर खेल के खेलों इंडिया चयन के बाद अब नेशनल कैंप को चयन हो गया। इंडिया कैंप के लिए चयन का श्रेय कोच चंद्रशेखर, परमजीत बरार, अजीत व पंकज और परिजनों के सहयोग को जाता है।
बता दें कि गिरिपार के दुगाना गांव की महिमा पुंडीर 8वीं से 12वीं तक हॉकी छात्रावास माजरा से खेलती रहीं। बतौर गोल कीपर महिमा 9 बार नेशनल हॉकी खेली। वर्ष 2019 में पहला महिला इंडिया कैंप लगाया। कोरोना का चलते बीच में प्रतियोगिता व खेल प्रभावित होता रहा लेकिन होनहार खिलाड़ी ने खेल जारी रखा। 2020 से 2022 में चंडीगढ़ में अभ्यास जारी रखा। वे वर्ष 2020 में केरल में नेशनल हॉकी, 2021 में यूपी के झांसी में, 2022 में मध्य प्रदेश के भोपाल, 2023 में आंध्रप्रदेश के काकीनंदा तथा 2024 में महाराष्ट्र पुणे में नेशनल हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले चुकी हैं।
ऐसे प्राप्त की सफलता
महिमा ने 21 से 26 फरवरी 2025 में पंजाब के अमृतसर में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में आईटीएम यूनिवर्सिटी मध्य प्रदेश की तरफ से खेलते हुए रजत पदक जीतने में मदद की। उनका खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में भी चयन हो चुका है। इसके बाद 1 से 12 मार्च तक चली नेशनल हॉकी में हिमाचल महिला हॉकी टीम की कप्तानी की। हरियाणा पंचकुला में हुई 15वीं सीनियर नेशनल हॉकी में बेहतर प्रदर्शन के चलते बंगलूरू में 23 से 30 मार्च तक चलने वाले सीनियर महिला इंडिया नेशनल हॉकी कैंप के लिए चयन हुआ है।