पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी
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उधर, मामले की जांच के लिए खुद डीजीपी एसआर मरडी ने घटनास्थल का दौरा किया। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला प्रभा राजीव को मार्क की गई मजिस्ट्रियल जांच में कहा गया है कि इस मामले में 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपें कि क्या दुष्कर्म की घटना से पहले लक्कड़ बाजार चौकी पहुंचने पर वहां सचमुच उसकी मदद नहीं की गई।
अगर ऐसा है तो इसके लिए दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा दुष्कर्म की घटना की जांच के लिए एएसपी शिमला के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।
एसआईटी में सात सदस्य भी होंगे। ये एएसपी शिमला अभिषेक यादव, डीएसपी योगेश जोशी, इंस्पेक्टर राजकुमार, सब इंस्पेक्टर डिंपल, एसएचओ महिला थाना न्यू शिमला दयावती, एएसआई पुलिस चौकी संजौली रंजना और एएसआई राजीव कुमार होंगे।
एसआईटी के काम की पुलिस अधीक्षक शिमला बारीकी से निगरानी करेंगे। डीआईजी दक्षिणी रेंज शिमला इस मामले की जांच के बारे में डीजीपी को दैनिक आधार पर रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट के पास भी पीडि़ता के सीआरपीसी 164 के तहत बयान दर्ज किए गए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पुलिस की प्रारंभिक जांच में अपराधियों के बारे में कुछ क्लू मिल गए हैं। पुलिस गंभीरता से तफ्तीश कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के स्तर पर लापरवाही के मामले में मजिस्ट्रीयल जांच बैठाई गई है।
दुष्कर्म पीडि़ता के भी ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी 164 के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं, वे गलत हैं। सरकार इस मामले पर बहुत संवेदनशील है।
राजधानी शिमला में युवती से चलती कार में दुष्कर्म और पुलिस के उदासीन रवैये के खिलाफ हिमाचल कांग्रेस ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जयराम सरकार कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम रही है। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं।
महिलाओं में भय है और पुलिस प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर के अलावा शिमला संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. धनीराम शांडिल भी शामिल रहे। ब्यूरो
ढली पुलिस की एक टीम मंगलवार दोपहर दुष्कर्म पीड़ित छात्रा को रूटीन चेकअप के लिए कमला नेहरू अस्पताल लेकर पहुंची। यहां छात्रा के कई टेस्ट करवाए गए। छात्रा के साथ कितने समय पहले दुराचार हुआ इससे संबंधित जानकारी पुलिस ने डॉक्टरों से ली।
इसके अलावा वारदात के समय कहीं छात्रा को नशीली दवाएं या शराब तो नहीं पिलाई गई, इसे लेकर भी टेस्ट करवाया गया। शाम को कुछ टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है। डॉक्टरों ने यह रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। रिपोर्ट की जानकारी गोपनीय रखी है।
अस्पताल में भी छात्रा के साथ करीब आधा दर्जन से अधिक पुलिस के जवान तैनात रहे। छात्रा का मेडिकल सोमवार को ही आईजीएमसी अस्पताल में करवाया गया था। इसमें दुराचार की पुष्टि हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।