11 और 13 अप्रैल को नई दिल्ली में प्रस्तावित केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी तय हो जाएंगे। शनिवार को नई दिल्ली में हुई समन्वय समिति और स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों में संभावित प्रत्याशियों के नाम शार्टलिस्ट किए गए। सुजानपुर, धर्मशाला, बड़सर, गगरेट और लाहौल-स्पीति विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मजबूत प्रत्याशियों की तलाश जारी है।
कुटलैहड़ विधानसभा सीट से विवेक शर्मा को उतारा जाना लगभग तय है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर और पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने मंथन किया। विक्रमादित्य विशेष तौर पर समन्वय समिति की बैठक में शामिल हुए।
शनिवार सुबह 11:00 बजे समन्वय समिति की बैठक शुरू हुई। इस दौरान संभावित प्रत्याशियों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल के समक्ष सर्वे रिपोर्ट रखी। इसी के आधार पर मंडी से विक्रमादित्य और िशमला से सुल्तानपुरी का नाम पैनल में शामिल किया गया। मंडी केे सर्वे में विक्रमादित्य का नाम सबसे ऊपर रहा है। भाजपा प्रत्याशी कंगना रणौत से मुकाबले के लिए उन्हें सशक्त माना गया है। शिमला से भाजपा सांसद रहे वीरेंद्र कश्यप पर भी कांग्रेस में चर्चा हो रही है। ब्यूरो
समन्वय समिति की बैठक में शार्टलिस्ट नाम स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रखे
समन्वय समिति की बैठक में संभावित प्रत्याशियों के नाम शार्टलिस्ट कर पूर्व रेल राज्य मंत्री भक्त चरण दास की अध्यक्षता में दोपहर 12:00 बजे हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रखे। बैठक में संभावित प्रत्याशियों के नामों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के लिए भेजने का फैसला हुआ। शाम छह बजे दोबारा से समन्वय समिति की बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई।
विशेष रणनीति के तहत विधायकों के नाम किए आगे
मंडी संसदीय सीट से कंगना के मुकाबले युवा प्रत्याशी के तौर पर विक्रमादित्य को सक्षम माना जा रहा है। वहीं शिमला से छह बार सांसद रहे दिवंगत केडी सुल्तानपुरी के बेटे विनोद को विशेष रणनीति के तहत चुनाव में उतारने की तैयारी है।