सोलन से आगे है बड़ोग, फिर कुमारहट्टी। आगे धर्मपुर के लिए एक सड़क जाती है। गाड़ी का एक रास्ता सुल्तानपुर के लिए मुड़ जाता है। यहां पर एक बोर्ड लगा है, जिसमें संकेतक के साथ दर्शाया गया है कि आगे विनोद सुल्तानपुरी का घर और कार्यालय हैं। यहां अभी तक प्रचार का शोर नहीं सुनाई दे रहा। न कोई पोस्टर, न बैनर। ऐसा ही माहौल पिछले दिनों भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी सांसद सुरेश कश्यप के विधानसभा हलके पच्छाद में भी दिखा। इसके मायने यह निकाले जा रहे हैं कि दोनों दिग्गज अभी बाहर ही प्रचार को वक्त दे रहे हैं। शिमला संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के गृह क्षेत्र में चुनावी माहौल कुछ अलग तरह का दिखा। लोगों से चुनावी माहौल पर पूछा तो नेताओं के काम से कई लोग खुश नजर आए तो कई नाराज भी दिखे। दो बार हारने के बाद विधानसभा चुनाव जीतने वाले विनोद अब करीब डेढ़ साल के अंतराल में लोकसभा के लिए फिर कांग्रेस की उम्मीद हैं।