कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस-भाजपा को अपने चार-चार विधायकों से ज्यादा अपेक्षाएं हैं। ये विधायक वही हैं जिन्हें विधानसभा चुनाव में ज्यादा लीड मिली थी। इन्हीं पर लोकसभा चुनाव में उस लीड को बरकरार रखने का सबसे ज्यादा दबाव भी है। विधायकों के संख्या बल में कांग्रेस भारी है क्योंकि कुल 17 में से 11 विधायक उसके हैं। इन 11 में ज्यादा लीड वाले केवल 4 ही हैं। भाजपा के पांच विधायक हैं और उनमें से चार की लीड ज्यादा थी। धर्मशाला में उपचुनाव हो रहे हैं। ऐसे में 2022 में कांग्रेस के खाते में आई इस सीट और यहां की लीड को फिलहाल, किसी के खाते में नहीं माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2022 में संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को 11 विधायकों के साथ 68,993 मतों की लीड मिली थी।