इससे इतर वीरभद्र सिंह ने आश्रय शर्मा को काजल जैसा स्नेह देने से वंचित रखा। पंडित सुखराम परिवार की घर वापसी के बाद मिलकर काम करने की बात करने के अचानक बाद आया राम गया राम के बयान से सियासी हलचल मचा दी।
वहीं, उन्होंने कांगड़ा से अपनी राजनीतिक शतरंज पर मोहरे बैठाने भी शुरू कर दिए। राजनीतिक जानकारों की मानें तो हिमाचल में करीब 22 विधायक वीरभद्र सिंह के इशारे पर ही काम करते हैं। ऐसे में वीरभद्र सिंह के आश्रय के प्रचार अभियान से दूरी और काजल को आशीष का चुनावी माहौल पर असर देखना सभी के लिए दिलचस्प हो गया है।
कांगड़ा आने से पहले काजल ने नई दिल्ली में वीरभद्र से की मुलाकात
कांग्रेस प्रत्याशी पवन काजल ने गुरुवार को कांगड़ा आने से पहले नई दिल्ली में वीरभद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा भी मौजूद रहे। श्रीलंका से लौटते ही पवन काजल ने वीरभद्र सिंह से आशीर्वाद लिया।
वीरभद्र सिंह ने भी काजल के सिर पर हाथ रख कर उन्हें जीत दिलाने के प्रति आश्वस्त किया। पवन काजल ने सोशल मीडिया पर वीरभद्र सिंह से हुई मुलाकात की फोटो अपलोड की है।