शारीरिक रूप से शत-प्रतिशत दिव्यांग 47 वर्षीय संजय मतदाताओं के लिए प्रेरणा से कम नहीं हैं। 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद से संजय पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान करते आए हैं। इस बार भी मतदान के लिए संजय उत्सुक हैं।
संजय को मतदान केंद्र पहुंचने से पहले घर से 200 मीटर चढ़ाई पार कर मनाली-लेह हाईवे तक पहुंचना होगा। यहां से वाहन से चार किमी से अधिक का सफर करने के बाद 50 मीटर चढ़ाई पार कर यूरनाथ मतदान केंद्र पहुंचना होगा।
हालांकि, सहायक निर्वाचन अधिकारी अमर नेगी का कहना है कि स्वयंसेवी संजय को मतदान केंद्र तक पहुंचने में मदद करेंगे। नेगी ने कहा कि शारीरिक तौर पर शत प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद संजय में मतदान को लेकर गजब का उत्साह है। नेगी ने कहा कि संजय जैसे लोग समाज को प्रेरणा देने का काम कर रहे हैं।
चुनाव बहिष्कार से दूर नहीं होंगी समस्याएं : संजय
लाहौल के स्तींगरी गांव के संजय बचपन से ही दिव्यांग हैं। वह चलने फिरने में असमर्थ हैं। संजय का कहना है कि इस बार घाटी की कई पंचायतों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। संजय कहते हैं कि चुनाव बहिष्कार से समस्याएं दूर नहीं होंगी। यही वक्त है जब जनता अपनी पसंद का प्रत्याशी चुन कर लोकसभा भेज सकती है।