अब तक सीयू तीन कैंपस में किराये के भवनों में बिना सुविधा के चल रही है। वर्ष 2010 से शाहपुर में अस्थायी भवन में अध्ययन करवाया जा रहा है। दूसरे, धौलाधार कैंपस को किराये के बीएड कॉलेज और छात्र स्कूल भवन में वर्ष 2016-17 में शुरू किया गया।
ब्यास कैंपस देहरा को भी किराये के भवन में ही चलाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला में 17 अध्ययन स्कूलों के तहत 90 अध्ययन विभाग और लगभग 50 अध्ययन केंद्र शुरू होंगे।
सभी सीयू के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। इससे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को एकसाथ बैठकर केंद्रीय विवि के बारे में सोचना चाहिए। सीयू में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को कभी शाहपुर, कभी देहरा, तो कभी धर्मशाला शिफ्ट कर दिया जाता है। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई खराब होती है। विद्यार्थियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर रहने की व्यवस्था करने में भी परेशानी होती है। - अदिति, पूर्व छात्रा केंद्रीय विवि
केंद्रीय विवि का दस साल में मात्र नींव पत्थर रखा जाना छात्रों और प्रदेश के साथ धोखा है। केंद्रीय विवि की स्थापना से न केवल प्रदेश के छात्रों को गुणात्मक शिक्षा का लाभ मिलेगा, वहीं प्रदेश में रोजगार के साधन भी खुलेंगे। केंद्रीय विवि के लिए सभी दलों ने मात्र राजनीति की है। विद्यार्थियों और प्रदेश का दर्द किसी ने नहीं समझा। - चंदन आनंद, केंद्रीय विवि शोधार्थी एवं एबीवीपी कार्यकर्ता
सरकार ने चुनावी फायदे के लिए केंद्रीय विवि का शिलान्यास तो कर दिया है, लेकिन इसको लेकर अभी भी औपचारिकताएं पूरी नहीं हैं। यह प्रदेश का दुर्भाग्य है कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को लेकर कोई भी नेता गंभीरता नहीं दिखा रहा है। केंद्रीय विवि की घोषणा के दस साल बाद भी प्रदेश के छात्रों को उच्चतर शिक्षा के लिए बाहरी राज्यों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जबकि केंद्रीय विवि बनने से विद्यार्थियों को घर-द्वार उच्चत्तर शिक्षा मिल सकेगी। - पुनीत धीमान, प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई