रिटायर हो रहे सरकारी अधिकारियों को सेवा विस्तार विवादों में घिर गया है। कुछ लोगों ने चुनाव आयोग से लिखित शिकायत कर आदर्श आचार संहिता के दौरान पीडब्ल्यूडी व आईपीएच विभाग से रिटायर होने वाले कई अधिकारियों को सेवा विस्तार देने पर सवाल उठाए हैं।
मांग की है कि आयोग इस मामले की जांच कर कार्रवाई करे। आयोग ने अभी तक शिकायत पर जांच को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है लेकिन सूत्रों का कहना है कि आयोग ने जांच या कार्रवाई की तो कई अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
दरअसल, आदर्श आचार संहिता लगने के साथ ही प्रदेश में किसी की नियुक्ति या सेवा विस्तार पर चुनाव आयोग ने ही रोक लगाई है। साथ ही किसी भी तरह के प्रशासनिक फैसले के लिए आयोग से अनुमति लेना जरूरी है। शिकायत में कहा गया है कि विभागों ने सरकारी अधिकारियों को रिटायरमेंट से एन पहले अपने स्तर पर सेवा विस्तार दे दिया और आयोग से अनुमति तक नहीं ली।
प्रदेश निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार से इस संबंध में जानकारी के लिए संपर्क किया गया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिल सका। हालांकि, नाम न लिखने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि अगर आयोग से अनुमति के बिना सेवा विस्तार दिया गया है तो सेवा विस्तार लेने व देने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।