कारोबारी नेता धरने पर क्या बैठा कि जैसे उसकी शामत ही आ गई। पुलिसवाले आए और खींचते घसीटते हुए उसे ले गए। घटना शिमला के घोड़ाचौकी की है। यहां स्थानीय व्यवसायी एवं भाजपा जिला शिमला के महामंत्री मदन शर्मा ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज होकर घोड़ाचौकी में धरना दे रहे थे।
इनका कहना है कि पुलिस प्रशासन स्थानीय व्यवसायियों को बेवजह तंग कर रही है। स्थानीय व्यवसायियों की डीएसपी ट्रैफिक और एडिशनल एसपी से बात हो चुकी थी जिसमें स्थानीय प्रशासन ने उन्हें 1-2 गाड़ियां खड़ी कर काम करने की अनुमति भी दे दी थी। बावजूद इसके बालूगंज पुलिस ने व्यवसायियों को तंग करना नहीं छोड़ा।
इसी विरोध में मदन शर्मा ने धरना दिया और स्थानीय पुलिस उन्हें जबरदस्ती उठाकर थाने ले गई। पुलिसवाले उन्हें सबके सामने खींचते घसीटते हुए ले गए। हालांकि पुलिस का भी कहना है कि धरना बीच सड़क पर ट्रैफिक रोककर किया जा रहा था। इसलिए ऐसा करना पड़ा।
शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज, भाजपा जिलाध्यक्ष मदन शर्मा, शिमला मंडल अध्यक्ष विशेषवरनाथ, कसुम्पटी मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र चौहान, शिमला ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह ठाकुर ने पुलिस के तानाशाही रवैये की कड़ी निंदा की है। उधर, पुलिस का कहना है कि बीच सड़क पर बैठकर ट्रैफिक को रोक दिया था।
इसका वीडियो भी पुलिस ने बनाया है, जब उन्हें हटने के लिए कहा गया तो वह नहीं हटे इसलिए उन्हें गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाया गया। वहीं एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि उन्हें भी इस बारे में फोन पर सूचना दी गई थी। पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की है। उन्हें थाने ले जाया गया। वहां से उन्हें छोड़ दिया गया।