इस साल गर्मी के मौसम में हिमाचल के लोगों को बिजली और पानी का संकट झेलना पड़ सकता है। इसकी वजह दिसंबर और जनवरी में औसत से बहुत कम बारिश और बर्फबारी है। मौसम विभाग की मानें तो फरवरी में भी बारिश और बर्फबारी के आसार कम हैं।
ऐसे में जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। सूबे में जनवरी में सामान्य से 80 फीसदी कम बारिश हुई है। प्रदेश में सामान्य तौर पर जनवरी में औसतन 92 मिलीमीटर होती है। इसके मुकाबले इस बार महज 18 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है।
सिरमौर जिला में 98 और कांगड़ा में 91 फीसदी कम बारिश हुई है। दिसंबर माह में भी हिमाचल में 40 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई। दिसंबर में 25.5 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य से यह 40 फीसदी कम रही।