राज्य मानवाधिकार आयोग ने दो दिन पहले ही स्वत: संज्ञान लेते हुए एसपी शिमला, डीएफओ वाइल्ड लाइफ और उप अरण्यपाल को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने उनसे हलफनामे पर जवाब तलब किया है।
राजधानी शिमला के डाउनडेल से तेंदुए द्वारा बच्चा उठाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। राज्य मानवाधिकार आयोग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रमोद शुक्ला ने इस छानबीन को शुरू कर वीरवार को डीएफओ वन्य प्राणी शिमला के बयान दर्ज किए। आयोग ने अपने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से हलफनामे पर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तलब की है।
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एक आदमखोर तेंदुए पर बच्चे को उठाने का संदेह है। क्षेत्र के कई लोगों को प्रथम दृष्टया यह वही तेंदुआ लग रहा है, जिसने कनलोग से बीते अगस्त महीने में एक बच्ची को उठाया था। इस मामले की शिमला पुलिस अलग से जांच कर रही है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने दो दिन पहले ही स्वत: संज्ञान लेते हुए एसपी शिमला, डीएफओ वाइल्ड लाइफ और उप अरण्यपाल को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने उनसे हलफनामे पर जवाब तलब किया है। राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति पीएस राणा और सदस्य डॉ. अजय भंडारी ने इस विषय में सू मोटो लिया है।
आयोग ने अपने ही पुलिस अधीक्षक प्रमोद शुक्ला से भी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तलब की है। इस आदेश के बाद प्रमोद शुक्ला ने अपनी जांच शुरू करते हुए वीरवार को डीएफओ वन्य प्राणी प्रकोष्ठ के बयान लिए। शुक्रवार को वह मौके का मुआयना कर सकते हैं। आयोग में इस मामले की सुनवाई 22 नवंबर को रखी गई है। शुक्ला ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर उन्होंने जांच शुरू कर दी है। वह अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे।