राजधानी में हो रही पीने के पानी की आपूर्ति दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। शहर में कई इलाकों में नाले और नालियों में बिछी पेयजल लाइनों में लीकेज की शिकायतें सामने आई हैं। गंदगी से भरे इन नाले और नालियों में बिछी पाइपलाइनों में यह गंदा पानी घुसने का अंदेशा है। लोगों का कहना है कि नाले-नालियों में बिछी पाइपलाइनों की जांच की होनी चाहिए। पेश है यह ग्राउंड रिपोर्ट:- अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के कई वार्डाें में नालों और नालियों के बीच बिछाई गई पेयजल लाइनों से पीने का पानी दूषित होने का खतरा बढ़ गया है। शहर में अलग-अलग जगहों से पेयजल लाइनों में लीकेज के मामले सामने आए हैं। इससे आम जनता की चिंता बढ़ गई है। सर्कुलर रोड पर बैम्लोई से हाईकोर्ट को जोड़ने वाली सड़क के किनारे नाली में बिछी पेयजल लाइनों में लीकेज हो रही है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार पेयजल आपूर्ति होने पर इन लाइनों से पानी बर्बाद बहता है। हालांकि आपूर्ति बंद होने के बाद नाली में बहने वाले गंदे पानी के इन लाइनों में घुसने का खतरा है। इसी तरह जाखू में स्वास्थ्य केंद्र के समीप सड़क किनारे नाली में बिछी पेयजल लाइनों में भी लीकेज हो रही है। यह लीकेज नाली में गंदे पानी के बीच साफ दिखाई देती है। मालरोड पर स्कैंडल प्वाइंट के पास भी गंदे पानी की नालियों में बिछी पाइपलाइनों में लीकेज है। शहर में कई जगह पेयजल लाइनों के की बॉक्स भी गंदगी से भरे पड़े हैं। आपूर्ति होने पर इनसे पानी बाहर बहता रहता है। लोगों का कहना है कि जैसे ही आपूर्ति बंद होती है कि इनमें भरा गंदा पानी पाइपलाइनों में घुस जाता है। मालरोड से लोअर बाजार, रामबाजार, सब्जी मंडी और कृष्णानगर क्षेत्र में भी ज्यादातर नालों में पेयजल लाइनें गुजारी गई हैं। यदि लीकेज हो तो इससे पानी दूषित हो सकता है।
लीकेज से ऐसे दूषित होता है पानी
आमतौर पर लीकेज से पेयजल लाइनों से पानी बाहर बहता है लेकिन जैसे ही आपूर्ति बंद होती है तो ढलान के कारण पेयजल लाइनों की यही लीकेज दूषित पानी को अंदर खींच लेती है। कुछ साल पहले कनलोग में लोगों के घरों में सीवेज तक पहुंच गया था। यहां सीवरेज लाइन में लीकेज होने के कारण गंदा पानी साथ लगती पेयजल लाइनों में घुस गया था। शहर के भट्ठाकुफर में पेयजल लाइनें नालों में बिछाने के खिलाफ विरोध भी हो चुका है। यहां नई लाइनें बिछाने का काम भी बंद पड़ा है।
कई बार उठा चुके हैं मामला : सुषमा
बाजार में ज्यादातर लाइनें नाले और नालियों के अंदर है। कई बार इस बारे में मामला उठा चुके हैं। लीकेज के कारण लाइनों में गंदा पानी जा सकता है। कंपनी को नई योजना के तहत गंदे नालों से यह पाइप लाइनें हटानी चाहिए। -सुषमा कुठियाला, पार्षद रामबाजार
बदली जानी चाहिए लाइनें गंदे नालों में मुख्य लाइनों के साथ आम लोगों के घरों की पाइपलाइनें भी बिछी हैं। इससे पानी दूषित हो सकता है। इसके लिए नगर निगम को व्यवस्था सुधारनी चाहिए। शहर में पहले भी पीलिया फैल चुका है।
नालियों से हटेंगी सभी लाइनें
अभी कई जगह लाइनें नाले और नालियों में बिछी हैं लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसमें बदलाव होगा। 24 घंटे पेयजल योजना के तहत दीवारों के साथ या भूमिगत लाइनें ही बिछेंगी। नालों और नालियों से पुरानी लाइनें हटाई जाएंगी।
-बसंत राठौर, एजीएम पेयजल कंपनी