कर्मचारी बोले, कई तरह के पद भरने से फैलेगी अराजकता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। वन विभाग में वन मित्रों के बाद अब सहायक वन रक्षक की भर्ती करने के सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है।
हिमाचल वन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की वन मंडल शिमला (ग्रामीण) इकाई ने सरकार के इस फैसले पर विरोध जताया है। महासंघ ने शनिवार को डीएफओ ग्रामीण को अपना मांगपत्र सौंपकर सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। महासंघ का कहना है कि सहायक वन रक्षक की भर्ती का सरकार का फैसला गलत है। महासंघ ने सरकार के इस फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए इस नए प्रयोग के बजाय वन विभाग में रिक्त पड़े वन रक्षकों के पदों को पहले के भर्ती नियमों के अनुसार भरे जाने का आग्रह किया है।
महासंघ के वन मंडल शिमला (ग्रामीण) इकाई के अध्यक्ष सुनील दत्त ने कहा कि एक ही बीट में वन रक्षक, सहायक वन रक्षक और वन मित्र जैसे विभिन्न पदों की मौजूदगी से वन विभाग की कार्यशैली एवं कार्यक्षेत्र में अराजकता फैलेगी। इतने सारे पदों के सृजन से जिम्मेदारियों के निर्वहन में टकराव होगा जिससे काम में बाधा आएगी। सरकार को चाहिए कि यह फैसला वापस लें और पहले की तरह वन रक्षकों की भर्तियां करें। महासंघ ने मुख्यमंत्री से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार के स्तर पर भी यह मामला उठाया जाएगा।