फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल बजट पर जयराम का हमला: नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार के बजट को बताया निराशाजनक, कहा- जनता पछता रही

Sun, 22 Mar 2026 07:16 PM IST
Rahul Kumar Tiwari अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल विधानसभा में पेश बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे नीरस और दिशाहीन बताते हुए कहा कि इससे जनता और कांग्रेस नेताओं में भी उत्साह नहीं है। ठाकुर ने सरकार पर जनहित योजनाएं और संसाधन छीनने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए चौथे बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया है कि इस बजट को लेकर जनता तो छोड़िए, कांग्रेस नेताओं में भी कोई उत्साह नहीं है। ठाकुर ने इसे प्रदेश के इतिहास का सबसे निराशाजनक दस्तावेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट नीरस और दिशाहीन है।

विज्ञापन


जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में लगातार 29 बजट विधानसभा में पेश होते देखे हैं। ऐसा नीरस और दिशाहीन बजट पहले कभी नहीं देखा। इस बजट को देखकर प्रदेश की जनता अपना माथा पीट रही है। जनता को इस बात का पछतावा हो रहा है कि उन्होंने सत्ता ऐसे दल को सौंप दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विकास के पायदान से नीचे धकेल कर गर्त में डाल दिया है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर यह पहली सरकार है जो प्रदेशवासियों को कुछ देने के बजाय उनसे छीनने में यकीन रखती है। सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार द्वारा बनाए गए 2000 से ज्यादा संस्थान छीन लिए। अब सरकार लोगों से जनहित योजनाओं का बजट और कर्मचारियों की वेतन छीन रही है। ठाकुर ने कहा कि सरकार का अत्याचार बहुत हो गया है और अब यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का अहंकार सातवें आसमान पर रहा। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट तैयार करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की मेहनत को पूरी तरह दरकिनार कर दिया। उन्होंने सारा श्रेय खुद लेने की कोशिश की। इस बजट में विकास के नाम पर जो भी दावा किया गया है, वह केंद्र सरकार की योजनाओं के जरिए ही हो पाएगा। 

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश की चरमराती वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के मनमाने और अविवेकपूर्ण फैसलों के कारण आज प्रदेश का कर्मचारी वर्ग हताश और निराश हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले सारा सरकारी खजाना अपने 'मित्रों' की खातिरदारी में लुटा दिया। अब खजाना खाली होने पर वित्तीय स्थिति सुधारने के ढोंग के नाम पर तानाशाही निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर छोटे कर्मचारियों तक की वेतन विलंबित की जा रही है। ठाकुर ने दावा किया कि इस बजट से न केवल विपक्ष और जनता, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायक भी खुश नहीं दिखे। सदन के भीतर कांग्रेस के नेता खुद इस बजट का उपहास उड़ा रहे थे।

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर केंद्र की योजनाओं का पैसा मोड़कर नया नाम देने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने जनता के साथ बड़ा धोखा बताया। आम जनता पर अनावश्यक कर थोप दिए गए हैं। चुनाव पूर्व किए गए 300 इकाई मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1500 रुपये देने के वादों पर कड़े नियम व शर्तें थोपी गई हैं, जिससे कम लोगों को लाभ मिलेगा, जबकि वादा सभी 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए था। बिजली और पानी के भारी बिलों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, वहीं दूध के दाम बढ़ाने के दावों के बावजूद सरकारी खरीद कम होने से पशुपालकों में रोष है। ठाकुर ने बजट को चालाकी भरा और खोखला बताया, जिसमें केंद्रीय योजनाओं के नाम बदलकर वाहवाही लूटने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि धरातल पर कोई वास्तविक प्रावधान नहीं है, जिससे प्रदेश का कोई भी वर्ग संतुष्ट या उत्साहित नहीं है और मुख्यमंत्री को अपनी विफलताएं छिपाने के लिए सदन में मजाक का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें