मंडी-पठानकोट एनएच गुम्मा के समीप खानी नाला के पास पहाड़ी से हुए भूस्खलन से बंद हो गया। रविवार सुबह तड़के मंडी से चंबा जा रही एचआरटीसी की चंबा डिपो की बस सड़क में आए मलबे में फंस गई। चालक की लापरवाही की वजह से बस सवार यात्रियों की सांसें अटक गईं। बस में करीब 20 यात्री सवार थे, जिन्हें काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। मार्ग बंद होने पर दोनों तरफ दो किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।
यात्री जाम में फंस गए। रविवार को टेट की परीक्षा देने मंडी जा रहे परीक्षार्थी भी खासे परेशान हुए। टेट की परीक्षा के लिए अभ्यर्थी मंडी, सुंदरनगर और जोगिंद्रनगर जा रहे थे। बंद मार्ग को बहाल करने के लिए दो जेसीबी लगाई गई, लेकिन दलदल में फंसी निगम की बस को निकालने के लिए दो घंटे से ज्यादा समय लग गया। जेसीबी से बस को निकाला गया। यात्रियों के मुताबिक सुबह 4:00 बजे से बंद मार्ग 9:00 बजे यातायात के लिए बहाल हो पाया।
यात्रियों में रमेश कुमार, शेर सिंह, नरेश कुमार, दीपक और संजय कुमार ने बताया कि निगम के चालक ने लापरवाही न की होती तो लंबा जाम न लगता। चालक ने कोताही बरतते हुए मलबे के ऊपर से बस निकालने की कोशिश की। एनएचएआई के साइट इंजीनियर साहिल जोशी ने कहा कि बंद मार्ग को बहाल कर दिया है। निगम के चालक की लापरवाही की वजह से मार्ग ज्यादा समय तक बंद रहा।
छाणंग के बगीचा गांव में बहा रास्ता
छाणंग के बगीचा गांव में करीब 20 परिवारों का रास्ता मलबे और पानी के तेज बहाव से बह गया। सोहन सिंह का रिहायशी मकान मलबे की जद में आ गया है। ग्रामीण रामलाल, दयालू, गुड्डू, प्रेम सिंह, श्यामनाथ, अक्षू ने बताया कि शनिवार आधी रात को गुम्मा के छांणग में बारिश ने खूब तबाही मचाई है। गांव का रास्ता बह गया। उपजाऊ भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। एक रिहायशी मकान खतरे की जद में है।
लडभड़ोल-सांडापतन मार्ग गोरा के समीप तीन घंटे रहा बंद
लडभड़ोल में शनिवार देर रात हुई भारी बारिश से लडभड़ोल-सांडापतन मार्ग गोरा के समीप भारी मलबा आने से तीन घंटे बंद रहा। रविवार सुबह करीब 6:00 बजे मार्ग बंद हो जाने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। एचआरटीसी और निजी बसों को भी मार्ग बहाल होने तक रुकना पड़। जेसीबी से मार्ग को बहाल किया गया। मार्ग को 9:00 बजे के आसपास बहाल किया गया। लोक निर्माण विभाग लडभड़ोल के सहायक अभियंता राहुल ठाकुर ने बताया कि जेसीबी से मार्ग को बहाल कर दिया गया है।