हिमाचल सरकार शहरी क्षेत्रों में जमीन पंजीकरण के लिए नई शर्त लगाने जा रही है। जमीन बंटवारे के लिए अब टीसीपी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य किया जा रहा है। एनओसी के बाद ही अब तहसीलदार व नायब तहसीलदार जमीन पंजीकरण कर सकेंगे।
सरकार ने सभी जिला उपायुक्तों को इस बाबत पत्र भेज दिए हैं। एक-दो दिन के भीतर सरकार अधिसूचना जारी कर सकती है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। टीसीपी के कनिष्ठ अभियंता अब जमीन मालिकों को एनओसी देने से पहले मौके का मुआयना करेंगे।
वहां सड़क, बिजली-पानी, सीवरेज, पार्किंग , खेल मैदान और डिस्पेंसरी जैसी सुविधाओं को ध्यान में रखकर ही टीसीपी महकमा एनओसी जारी करेगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार को मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर जिले से जमीन बंटवारे की कई शिकायतें मिली हैं।
लोगों ने कई बीघा जमीन खरीदी है। ये लोग निर्माण के लिए टीसीपी से नक्शा पास कराने के लिए बार-बार दस्तक दे रहे हैं। लिहाजा, ऐसे मामलों को विभाग ने लंबित रखा है। इनकी जमीन के बंटवारे को भी अब नई शर्त के हिसाब से कराने की तैयारी है।