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Shimla News: किसानों पर भारी पड़ सकती है ढली मंडी में जगह की कमी

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सब्जी मंडी परिसर में चल रहा है निर्माण कार्य, मार्च में लोकल सब्जियों का शुरू होने वाला है सीजन
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विस्तारीकरण के लिए मंडी परिसर में रखा है सामान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की ढली स्थित एपीएमसी की सब्जी मंडी में मार्च महीने से सब्जियों का सीजन शुरू होने वाला है लेकिन मंडी परिसर में जगह की भारी तंगी है। सीजन के दौरान किसानों और आढ़तियों के लिए यह परेशानी का कारण बन सकती है।

ढली सब्जी मंडी में विस्तारीकरण का काम किया जा रहा है। इसमें मंडी के साथ नीचे वाली तरफ ऑक्शन यार्ड सहित दुकानें बनाई जा रही हैं जिसके चलते सब्जी मंडी के परिसर में भवन निर्माण का सामान रखा हुआ है। सीजन के दौरान सब्जी मंडी में एक दिन में 25 से 30 छोटी गाड़ियां और 20 से 25 के करीब बड़ी गाड़ियों की आवाजाही होती है। इस दौरान मंडी में सामान की लोडिंग और अनलोडिंग करने के लिए घंटों तक गाड़ियों को खड़ी करके रखना पड़ता है। आढ़तियाें का कहना है कि यदि सीजन के दौरान मंडी के परिसर में यह सामान इसी तरह पड़ा रहा तो फसलें लेकर आने वाले किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों का कहना है कि विभाग को यह कार्य समय रहते पूरा करना चाहिए था। इस मंडी में हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। सीजन को दूखते हुए विभाग और मंडी कमेटी को यह कार्य जल्द पूरा करवाना चाहिए था। मंडी में अगर व्यवस्था बिगड़ी तो फिर जाम की समस्या से भी लोगों को दो चार होना पड़ सकता है। गौरतलब है कि जिले में टमाटर, मटर, गोभी, आलू, फ्रासबीन और शिमला मिर्च का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। हर साल जिले से सब्जियां बाहरी मंडियों में भेजी जाती हैं। शिमला की हरी सब्जियों की बाहरी मंडियों में ज्यादा मांग रहती है। सीजन के दौरान सैकड़ों वाहन सब्जियां लेकर मंडी में पहुंचते हैं। ऐसे में ढली मंडी में जगह की कमी से किसानों के साथ आम लोगों को भी परेशानी झेलनी होगी।
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पार्किंग में मुहैया करवाएंगे जगह : वर्मा
एपीएमसी शिमला किन्नौर के चेयरमैन देवानंद वर्मा ने बताया कि सीजन के दौरान यदि आढ़तियों और किसानों को जगह कम पड़ेगी तो उनके लिए सड़क के पास स्थित एपीएमसी की पार्किंग में जगह दी जाएगी। यदि मंडी में लोडिंग के लिए जगह नहीं होती है तो ऐसी स्थिति में भट्ठाकुफर फल मंडी का प्रयोग भी किया जा सकता है।
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